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उत्तराखंड में सड़क हादसों का कहर: दो शहर, दो मौतें, और प्रशासन की नाकामी

देहरादून/हरिद्वार, 18 जून 2026 – उत्तराखंड में तेज रफ्तार वाहनों और लापरवाह ड्राइविंग के कारण सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को देहरादून और हरिद्वार में हुए दो अलग-अलग भीषण हादसों में दो मासूमों की जान चली गई। इन घटनाओं ने एक बार फिर पुलिस प्रशासन और आरटीओ की नाकामी को उजागर कर दिया है, जो तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।

देहरादून: ट्रांसपोर्ट नगर चौक पर युवक की मौके पर मौत

देहरादून के ट्रांसपोर्ट नगर चौक पर एक तेज रफ्तार वाहन की टक्कर में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि युवक घटनास्थल पर ही दम तोड़ गया। पुलिस और आपात सेवाएं मौके पर पहुंचीं, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है, लेकिन अब तक आरोपी वाहन चालक की पहचान या गिरफ्तारी की कोई खास जानकारी नहीं आई है।

हरिद्वार: घर के बाहर गमलों में पानी दे रहे भाजपा कार्यकर्ता की मौत

हरिद्वार के शिवालिक नगर क्षेत्र में भाजपा से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता और पार्टी के सोशल मीडिया प्रकोष्ठ के सक्रिय सदस्य विकास गोयल की तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के समय विकास गोयल अपने घर के बाहर गमलों में पानी दे रहे थे। अनियंत्रित कार गार्डन की सुरक्षा तारबाड़ तोड़ते हुए सीधे बगीचे में घुस गई और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। कार पेड़ से टकराई, जबकि चालक मौके से फरार हो गया।

परिजनों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें देहरादून के हिमालयन अस्पताल, जौलीग्रांट रेफर किया गया। वहां बुधवार शाम उन्होंने अंतिम सांस ली। घर के सीसीटीवी में पूरी घटना दर्ज हुई है। रानीपुर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और वाहन पंजीकरण तथा फुटेज के आधार पर तलाश जारी है।

भाजपा नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। रानीपुर विधायक आदेश चौहान समेत कई नेताओं ने परिवार के प्रति संवेदना जताई।

उत्तराखंड में अन्य सड़क हादसे: मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा

ये दो मौतें अकेली नहीं हैं। हाल के महीनों में उत्तराखंड में तेज रफ्तार से जुड़े कई घातक हादसे हो चुके हैं, जिनमें नैनीताल, विकासनगर, राजपुर रोड और देहरादून-हरिद्वार हाईवे शामिल हैं। इनमें परिवारों के पूरे सदस्यों की मौत के मामले भी दर्ज हैं।

भारत में सड़क सुरक्षा कानून (Road Safety Laws in India)

भारत में सड़क सुरक्षा कानून मुख्य रूप से मोटर वाहन अधिनियम, 1988 द्वारा नियंत्रित हैं, जिन्हें मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के माध्यम से काफी मजबूत किया गया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) राष्ट्रीय नीतियां बनाता है, जबकि राज्यों में यातायात पुलिस और आरटीओ इनका क्रियान्वयन करते हैं।

मुख्य प्रावधान और नियम:

  1. ड्राइविंग लाइसेंस: 18 वर्ष न्यूनतम आयु। बिना लाइसेंस चलाने पर ₹5,000 तक जुर्माना।
  2. स्पीड लिमिट: शहरों में 50-70 किमी/घंटा, हाईवे पर 80-100 किमी/घंटा। ओवर स्पीडिंग पर ₹1,000 से ₹2,000 तक जुर्माना और लाइसेंस निलंबन।
  3. शराब पीकर ड्राइविंग: BAC 0.03% से अधिक पर पहली बार ₹10,000 जुर्माना + 6 महीने जेल; दोबारा ₹15,000 + 2 वर्ष जेल।
  4. सीट बेल्ट और हेलमेट: सभी के लिए अनिवार्य। उल्लंघन पर ₹1,000 जुर्माना।
  5. मोबाइल फोन का उपयोग: ड्राइविंग के दौरान ₹5,000 तक जुर्माना।
  6. अन्य महत्वपूर्ण नियम:
    • लापरवाही/रैश ड्राइविंग (IPC 279) पर जेल और जुर्माना।
    • नाबालिग ड्राइविंग पर वाहन मालिक पर ₹25,000 जुर्माना + 3 वर्ष जेल।
    • थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य।
    • ओवरलोडिंग, फिटनेस सर्टिफिकेट न होने पर सख्त कार्रवाई।

प्रवर्तन: ई-चालान, स्पीड कैमरा, ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रीडर। बार-बार उल्लंघन पर पॉइंट सिस्टम और लाइसेंस सस्पेंड।

उत्तराखंड संदर्भ: पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण स्पीडिंग और रैश ड्राइविंग अत्यंत खतरनाक है, लेकिन प्रवर्तन अभी भी कमजोर है।

पुलिस और आरटीओ की नाकामी: सवालों के घेरे में

  • स्पीडिंग चेकिंग नाममात्र की।
  • सीसीटीवी फुटेज के बावजूद फरार चालक पकड़े नहीं जा रहे।
  • आरटीओ द्वारा वाहन फिटनेस और लाइसेंस जांच में लापरवाही।
  • जागरूकता कार्यक्रम अपर्याप्त।

मांग और सुझाव

  1. स्पीडिंग पर सख्त चेकिंग और भारी जुर्माना।
  2. हाईवे पर स्पीड कैमरे, स्पीड ब्रेकर और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर।
  3. फरार चालकों की तेज गिरफ्तारी।
  4. ड्राइवरों के लिए अनिवार्य रोड सेफ्टी ट्रेनिंग।
  5. पुलिस और आरटीओ में बेहतर समन्वय।

शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना।
ड्राइव सेफ, लाइव सेफ।
सड़क सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है – कानूनों का पालन करें, जान बचाएं।

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