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उत्तराखंड: अब पहाड़ में प्रतिस्थानी के बिना भी सुगम क्षेत्र में तबादला पा सकेंगे कर्मचारी, शासन का बड़ा फैसला

देहरादून। उत्तराखंड शासन ने कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को ध्यान में रखते हुए तबादला नीति में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। अब दुर्गम (पहाड़ी) क्षेत्रों में तैनात कर्मचारी प्रतिस्थानी (रिप्लेसमेंट) के बिना भी सुगम क्षेत्रों में तबादला प्राप्त कर सकेंगे। यह छूट तब दी जाएगी जब विभागीय कार्यों में कोई व्यावहारिक समस्या न उत्पन्न हो रही हो।

यह संशोधित आदेश तबादला एक्ट 2017 के अंतर्गत जारी किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक तबादला प्रक्रिया चल रही है। शासन का यह फैसला उन हजारों कर्मचारियों के लिए राहत भरा है जो वर्षों से पहाड़ी इलाकों में कठिन परिस्थितियों में सेवा दे रहे हैं।

मुख्य संशोधन और विस्तृत प्रावधान

  1. दुर्गम से सुगम तबादला बिना प्रतिस्थानी के
    यदि कोई कर्मचारी दुर्गम क्षेत्र से सुगम क्षेत्र में तबादला चाहता है और उसकी जगह कोई प्रतिस्थानी उपलब्ध नहीं है, तो भी उसे तबादला मिल सकता है। शर्त यह है कि इससे संबंधित विभाग के कार्यों पर कोई व्यावहारिक दिक्कत न हो। ऐसे मामलों में कर्मचारी को प्राथमिकता के आधार पर कार्यमुक्त किया जाएगा। यह प्रावधान विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों में लंबे समय से तैनात कर्मचारियों को फायदा पहुंचाएगा।
  2. समूह ग और घ के कर्मचारियों के लिए गृह जिले में तैनाती
    शासन ने समूह ग और घ के कर्मचारियों को अब उनकी गृह जिले में तैनाती देने की अनुमति दे दी है। इससे कर्मचारियों को परिवार के निकट रहकर सेवा करने का मौका मिलेगा, जो उनके मनोबल और कार्यक्षमता को बढ़ावा देगा।
  3. गंभीर रोग से ग्रस्त कर्मचारियों को अनिवार्य तबादलों से पूर्ण छूट
    गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारियों को अनिवार्य तबादला प्रक्रिया से छूट दी जाएगी। यह छूट निम्नलिखित श्रेणियों पर लागू होगी:
  • कर्मचारी स्वयं
  • कर्मचारी का पति या पत्नी
  • 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे
  • माता-पिता
    इस प्रावधान से चिकित्सकीय रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
  1. दिव्यांग कर्मचारियों को विशेष छूट
    दिव्यांग (PwD) कर्मचारियों को भी अनिवार्य तबादला प्रक्रिया से पूर्ण रूप से छूट प्रदान की गई है। इससे उनके स्वास्थ्य और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है।
  2. सैनिक और अर्द्धसैनिक बलों के कर्मियों को छूट
    सैन्य बलों तथा अर्धसैनिक बलों (जैसे CRPF, ITBP, SSB आदि) में तैनात कर्मियों को अनिवार्य तबादला प्रक्रिया से बाहर रखा जाएगा। यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
  3. परिवार के गंभीर बीमार सदस्यों के आधार पर तबादला
    कर्मचारी के माता-पिता, सास-ससुर या 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के गंभीर बीमार होने की स्थिति में अनुरोध पर तबादला स्वीकार किया जा सकेगा। यह प्रावधान पारिवारिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देता है।
  4. विभागीय छूट के लिए उच्च स्तरीय समिति
    यदि किसी विभाग को तबादला एक्ट 2017 में संशोधन कर विशेष छूट की आवश्यकता हो, तो संबंधित विभाग मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति के समक्ष प्रस्ताव रख सकता है। इस समिति द्वारा मामले की समीक्षा के बाद निर्णय लिया जाएगा।

पृष्ठभूमि और प्रभाव

प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में तैनाती अक्सर कर्मचारियों के लिए चुनौतीपूर्ण होती है — खराब मौसम, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, बच्चों की पढ़ाई और परिवार से दूरी जैसी समस्याएं आम हैं। शासन का यह संशोधित आदेश इन समस्याओं को दूर करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

यह व्यवस्था कर्मचारियों के स्वास्थ्य, पारिवारिक कल्याण और कार्य-जीवन संतुलन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है। उम्मीद है कि इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और विभागीय कार्यकुशलता में भी सुधार आएगा।

@devbhoominewsgroup

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