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उत्तराखंड कैबिनेट ने 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी, मोटर वाहन संशोधन नियम 2026 सहित

देहरादून, 30 अप्रैल 2026: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें राज्य में शासन को सुव्यवस्थित करने, सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने और विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक का प्रमुख आकर्षण उत्तराखंड मोटर वाहन संशोधन नियम 2026 की मंजूरी था, जिसमें प्रवर्तन अधिकारियों (एनफोर्समेंट ऑफिसरों) को ड्यूटी के दौरान वर्दी पहनना अनिवार्य करने का प्रावधान शामिल है।

कैबिनेट के फैसले परिवहन, शहरी विकास, शिक्षा, वन, उत्पाद शुल्क और आजीविका से संबंधित कई विभागों को कवर करते हैं। इनमें कुंभ मेले की तैयारियों और सीमावर्ती क्षेत्रों में सतत विकास को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

बैठक के प्रमुख फैसले:

  • परिवहन और मोटर वाहन:
  • उत्तराखंड मोटर वाहन संशोधन नियम 2026 को मंजूरी दी गई, जिसमें ट्रैफिक नियमन में बेहतर पहचान और professionalism सुनिश्चित करने के लिए प्रवर्तन अधिकारियों को ड्यूटी के दौरान वर्दी पहनना अनिवार्य किया गया है।
  • अतिरिक्त बसों की खरीद की अनुमति: पहले 100 बसों की मंजूरी दी गई थी। जीएसटी दर बसों पर 28% से घटकर 18% होने के बाद कैबिनेट ने इसे बढ़ाकर 109 बसों कर दिया ताकि कम कर का अधिकतम लाभ उठाया जा सके।
  • शहरी विकास और कुंभ मेले की तैयारियां:
  • आगामी कुंभ मेले से संबंधित कार्यों के लिए स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाया गया।
    • ₹1 करोड़ तक के कार्यों की मंजूरी अब मेला अधिकारी दे सकेंगे।
    • ₹5 करोड़ तक के कार्यों की मंजूरी संभागीय आयुक्त के अधिकार क्षेत्र में होगी।
    • ₹5 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट्स के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी रहेगी।
  • इससे बड़े धार्मिक आयोजन की बुनियादी ढांचा विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
  • उत्पाद शुल्क और वाणिज्यिक कर:
  • व्यय दर 6% तय होने के बाद वाणिज्यिक कर विभाग के नियमों में संशोधन किया गया।
  • वन सेवा नियम:
  • उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियम 2016 में संशोधन।
  • वन दारोगा (फॉरेस्ट सार्जेंट) के लिए आयु सीमा 21 से 35 वर्ष तय की गई।
  • वन अरक्षी (फॉरेस्ट गार्ड) के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष कर दी गई।
  • चयन प्रक्रिया में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया।
  • शिक्षा क्षेत्र:
  • मदरसों को मान्यता: कक्षा 1 से 8 तक के लिए 452 मदरसों को जिला स्तर पर मान्यता दी जाएगी। कक्षा 9 से 12 तक के लिए लगभग 52 मदरसों को उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता लेनी होगी। इस संबंध में शीघ्र ही एक अध्यादेश लाने की तैयारी है।
  • मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा अनुसंधान प्रोत्साहन योजना को 21 निजी कॉलेजों तक विस्तारित किया गया।
  • सहायक अध्यापकों के सेवा नियमों को मंजूरी।
  • विशेष शिक्षा शिक्षकों की पात्रता संबंधी नियम सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप बनाए गए।
  • आजीविका और मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण:
  • उत्तराखंड वन सीमा मौन मधुमक्खी आधारित आजीविका एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष नियम 2026 को मंजूरी दी गई।
  • यह नई नीति वन सीमावर्ती क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन (एपिकल्चर) को बढ़ावा देगी, जिससे स्थानीय आय में वृद्धि होगी और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने में मदद मिलेगी।
  • अन्य प्रशासनिक बदलाव:
  • प्रतीक्षा सूचियों (वेटिंग लिस्ट) की वैधता को एक वर्ष तक सीमित कर दिया गया।
  • श्रेणी डी ठेकेदारों के कार्य सीमा को ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ कर दिया गया।
  • लोक निर्माण विभाग में जूनियर इंजीनियर (जे.ई.) भर्ती और वर्क-चार्ज कर्मचारियों से संबंधित उच्च न्यायालय मामलों पर ब्रिफिंग दी गई।
  • उत्तराखंड अल्पसंख्यक अधिनियम 2025 को पहले ही अधिसूचित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री के सचिव शैलेश बगोली ने बैठक में प्रस्तावों पर विस्तृत ब्रिफिंग दी।

ये फैसले राज्य सरकार की प्रशासनिक दक्षता, सड़क सुरक्षा एवं परिवहन सुधार, शैक्षिक पहुंच, पर्यावरणीय स्थिरता और स्थानीय समुदायों खासकर संवेदनशील वन क्षेत्रों में आर्थिक अवसर प्रदान करने पर केंद्रित हैं। मोटर वाहन नियमों और वन सेवाओं में किए गए संशोधनों से प्रवर्तन मानकों और भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार की उम्मीद है।

अनुमोदित नियमों की आधिकारिक अधिसूचना और क्रियान्वयन दिशानिर्देश आने वाले दिनों में जारी किए जाने की संभावना है।

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