Dehradun/01.05.2026-– यहाँ भारत में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और विकास क्षेत्र की प्रमुख खबरें प्रस्तुत की जा रही हैं। , खबरें 2025-2026 की प्रमुख उपलब्धियों, मिशनों, नीतियों और विकास पर आधारित हैं।
1. स्पाडेक्स मिशन: भारत ने अंतरिक्ष में डॉकिंग तकनीक हासिल की
16 जनवरी 2025 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट (SpaDeX) मिशन के तहत दो छोटे उपग्रहों को अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक डॉक किया। इससे भारत दुनिया का चौथा देश बन गया जो इस जटिल तकनीक में महारत हासिल कर चुका है। डॉकिंग भविष्य के मानव अंतरिक्ष मिशनों, स्पेस स्टेशन निर्माण और उपग्रह रखरखाव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
PSLV-C60 से लॉन्च किए गए SDX01 (चेजर) और SDX02 (टारगेट) उपग्रह 475 किमी की कक्षा में मिले। यह मिशन ISRO की 200 से अधिक उपलब्धियों में शामिल है। डॉकिंग से भारत गगनयान जैसे मानव मिशन की तैयारी मजबूत कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह उपलब्धि भारत को अंतरिक्ष में स्वदेशी क्षमता बढ़ाने में मदद करेगी। इससे लागत कम होगी और रणनीतिक स्वायत्तता बढ़ेगी। सरकार ने इस क्षेत्र में निजी कंपनियों को भी प्रोत्साहित किया है। SpaDeX सफलता से युवा वैज्ञानिकों में उत्साह बढ़ा है। यह मिशन जलवायु निगरानी और आपदा प्रबंधन में भी योगदान देगा। भारत अब अंतरिक्ष में दीर्घकालिक उपस्थिति के लिए तैयार हो रहा है।
2. DHRUV64: भारत का पहला स्वदेशी 64-बिट माइक्रोप्रोसेसर
दिसंबर 2025 में C-DAC ने DHRUV64 नामक अपना पहला पूर्ण स्वदेशी 1.0 GHz, 64-बिट डुअल-कोर माइक्रोप्रोसेसर पेश किया। यह चिप एम्बेडेड लिनक्स चला सकती है और वास्तविक अनुप्रयोगों में इस्तेमाल हो सकती है। इससे भारत आयातित प्रोसेसर पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है।
यह माइक्रोप्रोसेसर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत विकसित किया गया। रक्षा, अंतरिक्ष और स्वास्थ्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में इसका उपयोग होगा। इससे पहले ISRO ने विक्रम 3201 32-बिट चिप लॉन्च की थी। दोनों चिप्स डिजिटल संप्रभुता मजबूत करेंगे।
सरकार ने सेमीकंडक्टर मिशन के तहत बड़े निवेश किए हैं। Noida और Bengaluru में 3-नैनोमीटर चिप डिजाइन सुविधाएं शुरू हुई हैं। DHRUV64 जैसी उपलब्धियां आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देंगी। इससे रोजगार बढ़ेगा और तकनीकी निर्यात संभव होगा। युवा इंजीनियरों को स्वदेशी चिप डिजाइन में अवसर मिल रहे हैं।
3. भारत AI मिशन: AI में वैश्विक रैंकिंग में उछाल
2025 में भारत AI मिशन के तहत 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया। नैतिक और मानव-केंद्रित AI सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया गया। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की 2025 ग्लोबल AI वाइब्रेंसी रैंकिंग में भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया।
AI पेटेंट फाइलिंग में भारत ने 2010-2025 के बीच 86,000 से अधिक पेटेंट दाखिल किए, जो कुल टेक पेटेंट का 25% है। 2021-25 में फाइलिंग सात गुना बढ़ी। बहुभाषी AI मॉडल भाषाई बाधाओं को दूर कर रहे हैं।
सरकार ने प्राइवेट सेक्टर को RDI स्कीम के तहत प्रोत्साहित किया। Reliance और Adani जैसे समूह AI इंफ्रास्ट्रक्चर में सैकड़ों अरब डॉलर निवेश कर रहे हैं। AI स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा में क्रांति ला रहा है। लेकिन साइबर सुरक्षा और रोजगार प्रभाव पर भी ध्यान दिया जा रहा है। भारत AI हब बनने की ओर अग्रसर है।
4. NISAR उपग्रह लॉन्च: भारत-अमेरिका का ऐतिहासिक सहयोग
2025 में ISRO और NASA के संयुक्त उपग्रह NISAR का सफल प्रक्षेपण हुआ। यह दुनिया का सबसे उन्नत अर्थ ऑब्जर्वेशन रडार सैटेलाइट है। इससे पृथ्वी की सतह, जंगलों, ग्लेशियरों, भूकंपों और जलवायु परिवर्तन की निगरानी आसान होगी।
NISAR दो फ्रीक्वेंसी (L-band और S-band) रडार से लैस है। यह दिन-रात और बादलों के पार भी देख सकता है। भारत के लिए यह आपदा प्रबंधन और कृषि में उपयोगी साबित होगा।
यह मिशन दोनों देशों के बीच वैज्ञानिक सहयोग का प्रतीक है। Aditya-L1 से सौर डेटा रिलीज के साथ ISRO की 200 उपलब्धियां पूरी हुईं। NISAR डेटा से जल संकट और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।
5. RDI स्कीम: निजी क्षेत्र में R&D को 1 लाख करोड़ का बूस्ट
जुलाई 2025 में कैबिनेट ने रिसर्च, डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (RDI) स्कीम को मंजूरी दी। छह वर्षों में 1 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान है। इसका उद्देश्य प्राइवेट सेक्टर को सनराइज डोमेन में R&D बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
स्कीम उच्च टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल (TRL 4+) प्रोजेक्ट्स को फंड करेगी। रणनीतिक महत्व की तकनीकों की खरीद और डीप-टेक फंड ऑफ फंड्स स्थापित करेगी। इससे आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता मजबूत होगी।
भारत ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2025 में 38वें स्थान पर पहुंच गया। स्टार्टअप इकोसिस्टम में तीसरा स्थान है। RDI स्कीम से गहन तकनीकी अनुसंधान बढ़ेगा।
6. CSIR की उपलब्धियां: स्टील स्लैग से दुनिया का पहला पोर्ट रोड
2025 में CSIR ने हजीरा, गुजरात में दुनिया का पहला स्टील स्लैग आधारित पोर्ट रोड विकसित किया। यह हरित इंफ्रास्ट्रक्चर का उदाहरण है। CSIR ने सिकल सेल रोग के लिए स्वदेशी CRISPR जीन थेरेपी BIRSA 101 भी विकसित की।
पिंक बॉलवर्म प्रतिरोधी GM कपास भी CSIR-NBRI का योगदान है। CSIR ने जलवायु अनुकूल आवास और रक्षा तकनीकों में भी प्रगति की। ये उपलब्धियां Viksit Bharat @2047 को समर्थन दे रही हैं।
CSIR लैब्स ने उद्योग भागीदारी बढ़ाई। सस्टेनेबल मोबिलिटी और स्वास्थ्य में ब्रेकथ्रू आए।
7. क्वांटम कंप्यूटिंग: Kaveri 64-क्यूबिट प्रोसेसर
नवंबर 2025 में QpiAI ने Kaveri 64-क्यूबिट सुपरकंडक्टिंग क्वांटम चिप लॉन्च की। यह भारत की सबसे शक्तिशाली क्वांटम प्रोसेसर है। क्वांटम कंप्यूटिंग दवा खोज, सामग्री विज्ञान और क्रिप्टोग्राफी में क्रांति लाएगी।
सरकार ने क्वांटम मिशन को बढ़ावा दिया। इससे भारत वैश्विक क्वांटम रेस में शामिल हो रहा है।
8. गगनयान की तैयारी: व्योममित्र रोबोट के साथ अनमैन्ड मिशन
2026 की शुरुआत में गगनयान-1 अनमैन्ड मिशन निर्धारित है। इसमें आधे मानवाकार रोबोट व्योममित्र शामिल होगा। इससे जीवन समर्थन प्रणाली का परीक्षण होगा।
शुभांशु शुक्ला Axiom-4 मिशन में पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री के रूप में ISS गए।
9. सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम: 3nm चिप डिजाइन सुविधाएं
Noida और Bengaluru में 3-नैनोमीटर चिप डिजाइन सुविधाएं शुरू हुईं। इससे भारत हाई-एंड चिप इकोसिस्टम में शामिल हुआ।
10. इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च: बजट 2026-27 में 12.2 ट्रिलियन रुपये
वित्त मंत्री ने 2026-27 बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड 12.2 ट्रिलियन रुपये खर्च का लक्ष्य रखा। सड़क, बंदरगाह, रेल और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर फोकस।

