Tue. Jun 16th, 2026

सहकारी समितियों से जुड़ी सेवाएं अब ऑनलाइन

देहरादून: उत्तराखंड सरकार सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, पारदर्शी और जन-मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इस क्रम में सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राज्य सहकारी संघ के सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभाग के आरएसएस (रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसाइटीज) पोर्टल का शुभारंभ किया।

मुख्य घोषणाएं:

  • विभाग में आयोग से चयनित 45 सहायक सहकारी निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
  • नये विकसित आरएसएस पोर्टल के माध्यम से सहकारी समितियों से जुड़ी सभी सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगी।

मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सहकारिता क्षेत्र को डिजिटल तकनीक से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। इस नये पोर्टल के जरिए पंजीकरण, दस्तावेज अपलोड, शिकायत निस्तारण, सदस्यता, वार्षिक प्रतिवेदन, ऑडिट, दस्तावेज प्रबंधन, सत्यापन आदि सभी सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो जाएंगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्यों में तेजी आएगी, जिससे आमजन को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

पोर्टल के लाभ

  • सहकारी समितियों का पंजीकरण, दस्तावेज अपलोड और शिकायत निस्तारण ऑनलाइन।
  • वार्षिक प्रतिवेदन, ऑडिट और अन्य प्रशासनिक कार्य आसान।
  • नये नियुक्त सहायक सहकारी निरीक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए मंत्री ने कहा कि वे सहकारिता आंदोलन को समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

100 ऋण मेले का ऐलान

मंत्री ने यह भी घोषणा की कि शीघ्र ही ब्लॉक स्तर पर 100 ऋण मेले आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से किसानों, युवाओं और स्वयं सहायता समूहों को ऋण वितरित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में सहकारिता सचिव डॉ. रणबीर सिंह चौहान और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अधिकारियों ने कहा कि सहकारिता विभाग की भूमिका ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में लगातार बढ़ रही है। नये नियुक्त निरीक्षकों के माध्यम से सहकारी समितियों की निगरानी और विकास कार्यों को और प्रभावी बनाया जाएगा।

सरकार की योजना: प्रत्येक ब्लॉक में सहकारिता नेटवर्क को मजबूत करते हुए कम से कम एक बहुद्देशीय सहकारी समिति को मॉडल के रूप में विकसित करना। साथ ही प्रत्येक ब्लॉक में ‘सहकारिता ग्राम’ स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे नये कर्मियों के समर्थन और नवाचार से सहकारिता क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके।

डॉ. धन सिंह रावत के नेतृत्व में शिक्षा एवं अन्य विभागों के प्रमुख सुधार

डॉ. धन सिंह रावत उत्तराखंड सरकार में विद्यालयी शिक्षा (बेसिक एवं माध्यमिक), संस्कृत शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, सहकारिता आदि विभागों के कैबिनेट मंत्री हैं। उनके कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं:

  • भारतीय ज्ञान प्रणाली का समावेश: NCERT से Bhagavad Gita, Ramayana और Vedas को स्कूल सिलेबस में शामिल करने का निर्देश। 17,000+ सरकारी स्कूलों में प्रार्थना सभा में इनके श्लोकों का पाठ शुरू।
  • उच्च शिक्षा रोडमैप 2025-26: Gross Enrolment Ratio (GER) को 50% तक बढ़ाया। पेपरलेस यूनिवर्सिटी, इंडस्ट्री-लिंक्ड पाठ्यक्रम, उद्यमिता सेल, डिजिटल शिक्षा और गुणवत्ता सुधार पर फोकस।
  • स्कूल शिक्षा में उल्लेखनीय प्रगति: हाईस्कूल पास प्रतिशत 2022 के 77.47% से बढ़कर 2025 में 90.77% हो गया। इंटरमीडिएट पास प्रतिशत में भी सुधार। हजारों शिक्षकों की भर्ती, स्मार्ट क्लासरूम, फ्री टेक्स्टबुक-नोटबुक वितरण और 559 क्लस्टर स्कूलों का चयन।
  • सहकारिता क्षेत्र में डिजिटलीकरण: RSS पोर्टल लॉन्च, नई समितियों का गठन (602+ MPACS, 258 डेयरी कोऑपरेटिव), 100 ऋण मेले और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की पहलें।

ये सुधार उत्तराखंड को शिक्षा और सहकारिता हब बनाने तथा युवाओं-किसानों को बेहतर अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं।

यह पहल उत्तराखंड में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देने वाली साबित होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था तथा किसानों के उत्थान में सहायक होगी।

सरकार का फोकस डिजिटल सहकारिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर केंद्रित है, जो भविष्य में बड़े सुधार ला सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *