Wed. Feb 11th, 2026

भारत में कैंसर का खतरनाक गंभीर संकट : ताज़ा आंकड़े और चेतावनी रिपोर्ट

भारत में कैंसर

भारत में कैंसर का खतरनाक गंभीर भय्वाहक संकट

भारत आज उन देशों में शामिल है जहां कैंसर एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। ICMR-NCRP, Globocan 2022 और हालिया राष्ट्रीय प्रोजेक्शन के अनुसार, देश में कैंसर के नए मामलों और मौतों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जो रोकथाम, स्क्रीनिंग और उपचार प्रणाली की कमजोरियों को उजागर करती है।

भारत में कैंसर के ताज़ा आंकड़े यह बहुत गंभीर संज्ञान है (2022–2026)

  • 2022:
    • नए मामले: 14,61,427
    • मौतें: 9,16,827
    • क्रूड रेट: 100.4 प्रति 1 लाख
  • 2024:
    • नए मामले: 15,62,099
    • मौतें: 8,74,404
  • 2025 (अनुमान):
    • नए मामले: 15.7 लाख+
    • 2020 की तुलना में 12.8% वृद्धि

भारत में जीवनकाल कैंसर जोखिम 1 में 9 (11%) है।
मिजोरम में यह जोखिम सबसे अधिक—पुरुष 21.1%, महिलाएं 18.9%


वैश्विक परिदृश्य: WHO–IARC की 2026 रिपोर्ट

भारत में कैंसर

WHO और IARC की फरवरी 2026 में प्रकाशित रिपोर्ट (Nature Medicine) के अनुसार:

  • 2022 में वैश्विक स्तर पर 18.7 मिलियन नए कैंसर मामले
  • इनमें से 37–40% मामले ऐसे जोखिम कारकों से जुड़े, जिन्हें बदला जा सकता है
  • प्रमुख कारण:
    • तंबाकू: 15.1%
    • संक्रमण: 10.2%
    • शराब: 3.2%

लंग, स्टमक और सर्वाइकल कैंसर में लगभग आधे मामले रोके जा सकते हैं
यह रिपोर्ट World Cancer Day 2026 से पहले जारी की गई, जिससे रोकथाम की अपार संभावनाएं स्पष्ट होती हैं।


राष्ट्रीय स्तर पर कैंसर का बोझ: ट्रेंड और चिंता

Globocan 2022 के अनुसार:

  • कुल नए मामले: 14,13,316
    • पुरुष: 6,91,178
    • महिलाएं: 7,22,138

Cancer प्रमुख कैंसर प्रकार

  • महिलाएं: ब्रेस्ट (26.6%), सर्वाइकल (17.7%)
  • पुरुष: ओरल/लिप (15.6%), लंग, एसोफेगस

स्क्रीनिंग की स्थिति (NFHS-5)

  • सर्वाइकल जांच: 1.9%
  • ब्रेस्ट: 0.9%
  • ओरल: 0.9%

देर से जांच के कारण Stage III–IV में निदान आम है
इसी वजह से 2015–2024 में:

  • नए मामले 10.4% बढ़े
  • लेकिन मौतें 28.6% बढ़ गईं

राज्यवार कैंसर बोझ (2024–2025)

भारत में कैंसर
  • उत्तर प्रदेश: ~2.1–2.21 लाख (सबसे अधिक)
  • महाराष्ट्र: ~1.28 लाख
  • पश्चिम बंगाल: ~1.19 लाख
  • तमिलनाडु: 2025 में पहली बार 1,00,097 नए मामले
  • बिहार: ~1.09 लाख

उच्च जोखिम वाले क्षेत्र

  • उत्तर-पूर्व: मिजोरम, असम, मेघालय (तंबाकू-जनित कैंसर)
  • दिल्ली (NCT):
    • 2024 में ~28,387 मामले
    • 33% मौतें 44 वर्ष से कम आयु में
  • पंजाब (मालवा): कीटनाशक/प्रदूषण से जुड़ा जोखिम
  • उत्तराखंड: रिपोर्टिंग कम, वास्तविक बोझ अधिक संभावित

(Cancer Cases in India)भारत में कैंसर का गंभीर संकट: नवीनतम आंकड़ों पर आधारित विस्तृत रिपोर्ट

भारत में कैंसर
  • 20 वर्षों में 1.1 लाख+ मौतें
  • 2024 में ~7,400 मौतें
  • 44 वर्ष से कम उम्र में 33% मौतें
  • मुख्य कारण:
    • PM2.5 प्रदूषण
    • तंबाकू
    • शहरी जीवनशैली

भारत में कैंसर प्रमुख कारण: 40–70% कैंसर रोके जा सकते हैं .

  • तंबाकू: 27–33%
  • वायु प्रदूषण (PM2.5)
  • शराब
  • मोटापा
  • संक्रमण (HPV, Hep-B)
  • दूषित पानी (आर्सेनिक)
  • प्लास्टिक जलाना

कैंसर जेनेटिक्स

  • 5–10% कैंसर वंशानुगत
  • BRCA1/2 म्यूटेशन भारत में 20–30%
  • NGS टेस्टिंग से जल्दी पहचान संभव

आम जनता के लिए सिद्ध रोकथाम उपाय

  • तंबाकू से पूर्ण परहेज
  • शराब सीमित या बंद
  • स्वस्थ वजन और नियमित व्यायाम
  • फल-सब्जियों से भरपूर आहार
  • HPV और Hep-B वैक्सीन
  • प्रदूषण से बचाव
  • तनाव कम करें, 7–8 घंटे नींद

अनिवार्य/अनुशंसित जांचें (NPCDCS)

30 वर्ष से ऊपर सभी के लिए

  • ओरल कैंसर: OVE (हर 5 वर्ष)
  • ब्रेस्ट: CBE (हर 5 वर्ष), 40+ में मैमोग्राफी
  • सर्वाइकल: VIA / HPV टेस्ट
  • हाई-रिस्क में लंग CT, कोलोरेक्टल टेस्ट

आयुष्मान भारत और HWCs के तहत कई जांचें मुफ्त/कम लागत पर उपलब्ध।

उपचार सुविधाएं

  • NCG: 287+ केंद्र
  • डे-केयर सेंटर: 439 (200+ नए 2025–26)
  • प्रमुख संस्थान: टाटा मेमोरियल, AIIMS, Apollo Proton

निष्कर्ष

जीवनशैली बदलाव, समय पर स्क्रीनिंग और जागरूकता से 37–40% कैंसर रोके जा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत में समय पर स्क्रीनिंग, जागरूकता अभियानों और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाए तो कैंसर से होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। सरकारी योजनाओं, निजी क्षेत्र और समाज की साझेदारी से ही इस बढ़ते स्वास्थ्य संकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।नीतियों और जनभागीदारी से लाखों जीवन बचाए जा सकते हैं।

By Karan

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