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देहरादून: वकीलों ने डीएम सविन बंसल के स्थानांतरण की मांग को लेकर राजस्व न्यायालयों में तालाबंदी का ऐलान, लेकिन जनता और नागरिकों द्वारा सोशल मीडिया पर मिल रहा अपार जनसमर्थन और बताया ‘देहरादून का अब तक का सबसे बेहतर डीएम’

देहरादून, 5 अप्रैल 2026: B P Singh- देहरादून बार एसोसिएशन और जिला प्रशासन के बीच तनाव बढ़ गया है। वकीलों ने जिलाधिकारी सविन बंसल के तत्काल स्थानांतरण की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। 4 अप्रैल को बार एसोसिएशन की आम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर राजस्व न्यायालयों (कलेक्टरेट में) का पूर्ण बहिष्कार करने का फैसला लिया गया। इसका मतलब है कि संपत्ति रजिस्ट्री, एडीएम कोर्ट कार्यवाही, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र आदि सभी राजस्व संबंधी कार्य ठप हो गए हैं।

यह आंदोलन रायपुर क्षेत्र में सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण हटाने के अभियान से जुड़ा है। वकीलों का आरोप है कि एक वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व बार अध्यक्ष प्रेम चंद शर्मा को बिना पूर्व सूचना के अपमानित किया गया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुकरैती ने इसे पूरे वकील समुदाय की गरिमा पर हमला बताया। इस तालाबंदी से प्रतिदिन 400 से अधिक रजिस्ट्री और लाखों रुपये का स्टांप ड्यूटी राजस्व प्रभावित हो रहा है, जिससे आम जनता और सरकार दोनों को नुकसान हो रहा है।

हालांकि, वकीलों के इस विरोध के बीच डीएम सविन बंसल को जनता और सोशल मीडिया पर भारी समर्थन मिल रहा है। उन्हें देहरादून का अब तक का सबसे बेहतर और जन-हितैषी जिलाधिकारी माना जा रहा है। सितंबर 2024 में चार्ज संभालने के बाद से 2009 बैच के आईएएस अधिकारी सविन बंसल ने निडर प्रशासन, भ्रष्टाचार विरोधी अभियान और नागरिक-केंद्रित कार्यों के लिए खूब प्रशंसा बटोरी है। सोशल मीडिया पर उन्हें ‘रियल लाइफ सिंगम’ और ‘देहरादून का बेस्ट डीएम’ कहा जा रहा है।

डीएम सविन बंसल के जन-प्रिय कार्य जो सराहना पा रहे हैं

  • भ्रष्टाचार और भूमि माफिया पर सख्त कार्रवाई: उन्होंने अतिक्रमण हटाने, भूमि कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए। जन सुनवाइयों में सैकड़ों शिकायतों का निपटारा किया। लखामंडल में एक पटवारी को रिश्वतखोरी (ऑडियो सबूत और हलफनामे के आधार पर) सस्पेंड किया, जबकि एक कानूनगो को 2018 के लंबित आदेश में देरी के लिए दंडित किया। उनकी इन पहलों से जनता में प्रशासन पर विश्वास बढ़ा है।
  • अंडरकवर छापेमारी और उपभोक्ता संरक्षण: पुरानी मसूरी रोड पर शराब की दुकानों पर खुद ग्राहक बनकर छापा मारा। ₹20 प्रति बोतल अतिरिक्त दाम वसूलने का मामला सामने आने पर फौरन जुर्माना लगाया और रेट लिस्ट अनिवार्य कर दी। यह घटना वायरल हुई और सोशल मीडिया पर उनकी सराहना की गई।
  • स्मार्ट सिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: स्मार्ट सिटी के सीईओ के रूप में 310 निष्क्रिय सीसीटीवी कैमरों को सक्रिय किया। ऑटोमेटेड मैकेनिकल पार्किंग, ईवी चार्जिंग स्टेशन और स्मार्ट स्कूलों पर काम तेज किया। महिलाओं की सुरक्षा के लिए पिंक पुलिस बूथ भी शुरू किए गए।
  • कल्याणकारी योजनाएं: स्वतंत्रता सेनानियों के प्रथम पीढ़ी के परिवारों को स्मार्ट सिटी बसों में मुफ्त यात्रा की घोषणा की। प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के तहत अनाथ और जरूरतमंद लड़कियों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दी (जैसे ₹6 लाख के चेक वितरित)। बाल भीख मांगने के खिलाफ अभियान और अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं (अनिवार्य लैब, ब्लड बैंक) भी उनके कार्यों में शामिल हैं।
  • ट्रैफिक और जन सुविधा: शहर के छह व्यस्त चौराहों पर प्रदर्शन, रैली और जुलूस पर प्रतिबंध लगाया, जबकि मार्च के लिए वैकल्पिक रूट निर्धारित किए। यह कदम ट्रैफिक जाम कम करने और आम नागरिकों की सुविधा के लिए सराहा गया।

सोशल मीडिया पर इन कार्यों की भरपूर तारीफ हो रही है। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जहां लोग लिख रहे हैं कि “देहरादून डीएम श्री सविन बंसल ईमानदारी, संवेदनशीलता और समर्पण का बेहतरीन उदाहरण हैं।” एक्स (ट्विटर) पर उनके अस्पतालों में छापेमारी के वीडियो शेयर हो रहे हैं और कमेंट्स में सराहना का सैलाब उमड़ रहा है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी गवर्नर ने उनकी टीम की मानवीय मदद की तारीफ की थी।

कई स्थानीय नागरिक मानते हैं कि सविन बंसल की सख्त लेकिन निष्पक्ष शैली ने प्रशासन में जवाबदेही लाई है। हालांकि कुछ हितों को यह रास नहीं आ रही, लेकिन आम जनता कह रही है कि पिछले कई वर्षों में देहरादून इतना बेहतर तरीके से कभी नहीं संभाला गया। वे उन्हें “जनता के सबसे अच्छे डीएम” बता रहे हैं।

वर्तमान में वकीलों का आंदोलन जारी है और राज्य सरकार से हस्तक्षेप की उम्मीद है। हालांकि वकीलों के विरोध से अल्पकालिक परेशानी हो रही है, लेकिन सोशल मीडिया और जनता की राय डीएम सविन बंसल के जन-हितैषी प्रशासन की ताकत को दर्शाती है। चाहे स्थानांतरण हो या न हो, उनकी जन-प्रिय छवि और विकास कार्य देहरादूनवासियों के दिलों में जगह बना चुके हैं।

(यह रिपोर्ट सोशल मीडिया ट्रेंड्स, जन प्रतिक्रियाओं और उपलब्ध समाचार स्रोतों पर आधारित है)

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