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उत्तराखंड में हवाई क्रांति: सी-प्लेन ट्रायल, हेली सेवाओं का विस्तार और एयर ट्रैफिक में उछाल – मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशीष चौहान के नेतृत्व में यूसीएडीए का व्यापक विकास

देहरादून/ऋषिकेश, 9 अप्रैल 2026: उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूसीएडीए) के नेतृत्व में राज्य हवाई कनेक्टिविटी और पर्यटन क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। गंगा बैराज पर सफल सी-प्लेन ट्रायल से लेकर नए हेलीपोर्ट्स के निर्माण और चारधाम यात्रा के लिए हेली शटल सेवाओं के विस्तार तक, यूसीएडीए डॉ. आशीष चौहान, आईएएस (सीईओ) के मार्गदर्शन में लगातार प्रगति कर रहा है।

सी-प्लेन ट्रायल: नई संभावनाओं का द्वार 6 अप्रैल 2026 को स्काईहॉप एविएशन (संस्थापक एवं सीईओ अवनी सिंह) ने ऋषिकेश के गंगा बैराज (पशुलोक/वीर भद्र बैराज) पर भारत का पहला सी-प्लेन ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया। डी हेविलैंड कनाडा डीएचसी-6 ट्विन ओटर विमान (VT-SHE) को फ्लोट्स लगाकर सी-प्लेन में परिवर्तित किया गया था। मूल रूप से टिहरी झील पर प्रस्तावित इस ट्रायल को तकनीकी कारणों से गंगा बैराज पर शिफ्ट किया गया।

अवनी सिंह ने कहा, “स्काईहॉप, जो भारत की पहली कमर्शियल सी-प्लेन ऑपरेटर बनने जा रही है, ने गंगा बैराज पर लैंडिंग और टेकऑफ का सफल ट्रायल पूरा किया।” DGCA की मंजूरी के बाद तेहरी झील, नैनीताल और अन्य जलाशयों पर नियमित सेवाएं शुरू हो सकती हैं, जो चारधाम यात्रा, एडवेंचर टूरिज्म और दूरदराज क्षेत्रों की पहुंच को आसान बनाएंगी। तेहरी झील को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल बनाने के मास्टर प्लान में सी-प्लेन को शामिल किया जा रहा है।

हेली सेवाओं का तेज विस्तार– डॉ. आशीष चौहान के नेतृत्व में यूसीएडीए ने हेलीकॉप्टर इंफ्रास्ट्रक्चर और सेवाओं को मजबूत किया है:

  • नए हेलीपोर्ट्स: पिछले 3 वर्षों में 8 नए हेलीपोर्ट विकसित किए गए — सहस्त्रधारा, श्रीनगर, गौचर, चिन्यालीसौर, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और मुनस्यारी।
    6 अतिरिक्त हेलीपोर्ट्स (त्रिजुगीनारायण, जोशीमठ, मसूरी, रामनगर, बागेश्वर, हरिद्वार) का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
  • चारधाम यात्रा 2026 के लिए हेली शटल:
    • केदारनाथ के लिए मंदाकिनी घाटी (फाटा, गुप्तकाशी, सिरसी) से 8 हेलीकॉप्टर ऑपरेटर्स को अनुमति।
    • गौचर से बद्रीनाथ रूट पर नई शटल सेवाएं।
    • DGCA के सख्त सुरक्षा मानकों के साथ 30% फ्लाइट्स की कमी के बावजूद बेहतर व्यवस्था की गई है। बुकिंग IRCTC HeliYatra पोर्टल से होगी।
  • अन्य रूट्स: देहरादून-जोशीमठ, जोशीमठ-बद्रीनाथ, पिथौरागढ़-धारचूला, पिथौरागढ़-मुनस्यारी और अडी कैलाश (गुंजी) के लिए हेली सेवाएं शुरू करने की तैयारी। सड़क टनलों के पास हेलीपैड बनाने की योजना भी है।
  • एयर ट्रैफिक में वृद्धि और पुरस्कारजॉली ग्रांट एयरपोर्ट (देहरादून) पर यात्री यातायात में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 17.25 लाख यात्रियों ने यात्रा की, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 8% की वृद्धि दर्शाता है।
  • राज्य के अन्य एयरपोर्ट्स (जैसे पंतनगर) भी पर्यटन और व्यापार के कारण बढ़ते ट्रैफिक का गवाह बन रहे हैं। विंग्स इंडिया 2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उत्तराखंड को “Best State for Promotion of Aviation Ecosystem” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार हेली-टूरिज्म, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, UDAN स्कीम के तहत नई सेवाओं और आपदा प्रबंधन में हवाई सुविधाओं के योगदान के लिए दिया गया।

मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप प्रगति- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में यूसीएडीए राज्य को भारत का प्रमुख हेली और सी-प्लेन टूरिज्म हब बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इन पहलों से चारधाम यात्रा आसान होगी, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार सृजन होगा और दूरदराज क्षेत्रों (उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, पौड़ी आदि) में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आधुनिक हवाई परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। DGCA की मंजूरी के बाद सी-प्लेन और हेली सेवाओं का और विस्तार होगा।यह समग्र विकास देवभूमि उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन और आधुनिक कनेक्टिविटी के मानचित्र पर नई पहचान दिला रहा है। आगे टिहरी झील पर सी-प्लेन ट्रायल और अधिक हेली रूट्स की उम्मीद है। (स्रोत: यूसीएडीए आधिकारिक जानकारी, स्काईहॉप एविएशन बयान, Wings India 2026, सरकारी रिपोर्ट्स और समाचार एजेंसियां)

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