देहरादून, 20 मई 2026:
उत्तराखंड में गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के देहरादून केंद्र ने अगले 48 घंटों (20 और 21 मई) के लिए हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। मैदानी और कुछ अर्ध-पहाड़ी जिलों में तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है, जबकि 22-23 मई को पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम करवट लेगा।
मौसम केंद्र के निदेशक डॉ. सी.एस. तोमर ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड सहित उत्तर भारत में तापमान लगातार बढ़ रहा है। 15-16 मई के बाद गर्मी का असर साफ दिखने लगा। पिछले 24 घंटों में मैदानी इलाकों में कई जगहों पर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में भी 30 डिग्री के करीब दर्ज किया गया। अगले 1-2 दिनों में तापमान में 1 से 2 डिग्री और बढ़ोतरी हो सकती है।
प्रभावित क्षेत्रहीट वेव अलर्ट वाले मुख्य जिले:हरिद्वार देहरादून, उधम सिंह नगर, नैनीताल, पौड़ी, उत्तरकाशी (कुछ हिस्से)इन क्षेत्रों में गर्मी का असर सबसे अधिक रहने की संभावना है।
22-23 मई को येलो अलर्ट
48 घंटे के बाद तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी। इसके बाद पर्वतीय जिलों (उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग) में कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने 22 और 23 मई के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान: गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं, कुछ स्थानों पर हल्की बारिश
उत्तराखंड में बढ़ती गर्मी: कारण और प्रभाव
उत्तराखंड में इस बार गर्मी पहले से ही रिकॉर्ड स्तर पर है। अप्रैल-मई में तापमान में अचानक उछाल देखा गया, जिसे विशेषज्ञ जलवायु परिवर्तन और शहरीकरण से जोड़ रहे हैं। मैदानी जिलों (देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर) में शहरी ताप द्वीप प्रभाव (Urban Heat Island) बढ़ रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में जंगल की आग और सूखे की स्थिति भी गर्मी को बढ़ा रही है।
प्रभाव:स्वास्थ्य समस्याएं: हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, थकान, चक्कर आनाबच्चों, बुजुर्गों और मजदूरों पर सबसे ज्यादा असरकृषि और पशुपालन पर दबावबिजली की मांग में वृद्धि
सावधानियां और एडवाइजरी (Precautions)
मौसम विभाग और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने जनता से सावधानी बरतने की अपील की है:
1. सूर्य की सीधी किरणों से बचें: दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें। अगर जरूरी हो तो छाता, टोपी, चश्मा और हल्के रंग के कपड़े पहनें।
2. पर्याप्त पानी पिएं: दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं। ORS, नींबू पानी, छाछ या फलों का जूस लें। ठंडे पेय पदार्थों से बचें।
3. बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान: उन्हें घर के अंदर रखें। एसी या कूलर का इस्तेमाल संतुलित तरीके से करें।
4. घरेलू उपाय: हल्का भोजन, फल-सब्जियां ज्यादा खाएं। नमक और पानी का संतुलन बनाए रखें।
5. मजदूरों और किसानों के लिए: काम के दौरान छाया में आराम करें। सिर और गर्दन ढककर रखें।
6. बारिश और आंधी के दौरान: 22-23 मई को खराब मौसम में बाहर न निकलें। पेड़ों, खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें। आकाशीय बिजली का खतरा रहता है।
7. स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां: अस्पतालों में ORS, IV फ्लूड और हीट स्ट्रोक से संबंधित दवाएं उपलब्ध रखी गई हैं। एंबुलेंस सेवाएं हाई अलर्ट पर हैं।राज्य सरकार की तैयारियांसभी जिलाधिकारियों को अलर्ट जारी।स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में गर्मी से बचाव के निर्देश (कुछ जिलों में पहले ही छुट्टी घोषित)।पशुपालन विभाग ने पशुओं को छाया और पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।बिजली विभाग को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।
सलाह: मौसम विभाग के अनुसार 48 घंटे बाद राहत मिल सकती है, लेकिन गर्मी का यह दौर जलवायु परिवर्तन की चेतावनी है। हर व्यक्ति को व्यक्तिगत सावधानी बरतनी चाहिए। अगर कोई लक्षण (चक्कर, उल्टी, बेहोशी) दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।सुरक्षित रहें, पानी पीते रहें और गर्मी से बचें!मौसम अपडेट के लिए IMD देहरादून या राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट/सोशल मीडिया चेक करते रहें।
(स्रोत: IMD देहरादून, राज्य आपातकालीन केंद्र और अन्य समाचार रिपोर्ट्स)

