Uttarakhand Budget 2026-27 राज्य के समग्र और संतुलित विकास को ध्यान में रखते हुए पेश किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में तैयार किया गया यह बजट ‘SANTULAN’ मॉडल के आठ मूल मंत्रों पर आधारित है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य राज्य में समावेशी विकास, आर्थिक मजबूती, रोजगार सृजन, आधारभूत ढांचे का विस्तार और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना है।
गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र के दौरान पेश किए गए इस बजट में सरकार ने पहाड़ और मैदान के बीच संतुलन बनाते हुए राज्य के हर क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया है। सरकार का कहना है कि यह बजट सिर्फ आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि उत्तराखंड के भविष्य की विकास रूपरेखा है।
Uttarakhand Budget 2026-27 में ‘SANTULAN’ मॉडल क्या है ?

धामी सरकार ने Uttarakhand Budget 2026-27 को ‘SANTULAN’ मॉडल के आधार पर तैयार किया है। ‘संतुलन’ शब्द का अर्थ ही है विकास के सभी क्षेत्रों में संतुलित प्रगति सुनिश्चित करना।
इस मॉडल के तहत राज्य सरकार ने आठ प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है, जिनके माध्यम से राज्य को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने की योजना बनाई गई है।
इन आठ मूल मंत्रों में शामिल हैं:
- S – Sustainable Development (सतत विकास)
- A – Agriculture & Rural Economy (कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था)
- N – New Opportunities & Innovation (नवाचार और नई संभावनाएं)
- T – Tourism Development (पर्यटन विकास)
- U – Urban Development (शहरी विकास)
- L – Livelihood & Employment (रोजगार और आजीविका)
- A – Infrastructure & Accessibility (आधारभूत संरचना)
- N – Natural Resources & Environment Protection (प्राकृतिक संसाधन संरक्षण)
Uttarakhand Budget 2026-27 में सरकार का मानना है कि इन आठ क्षेत्रों में संतुलित निवेश से राज्य के विकास को नई गति मिलेगी।

समावेशी विकास पर सरकार का जोर
धामी सरकार के Uttarakhand Budget 2026-27 में समावेशी विकास को प्रमुख स्थान दिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
इसके तहत महिलाओं, युवाओं, किसानों, सैनिक परिवारों, गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कई योजनाओं का प्रावधान किया गया है।
Uttarakhand Budget 2026-27 में सरकार का मानना है कि जब समाज के सभी वर्ग विकास प्रक्रिया में शामिल होंगे तभी राज्य का वास्तविक विकास संभव होगा। इसी सोच के तहत बजट में महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
उत्तराखंड की बड़ी आबादी आज भी कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर निर्भर है। इसे ध्यान में रखते हुए बजट में किसानों के लिए कई नई योजनाएं और प्रोत्साहन की घोषणा की गई है।
Uttarakhand Budget 2026-27 सरकार का लक्ष्य है कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए जैविक खेती, बागवानी, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, सिंचाई और भंडारण सुविधाओं को भी मजबूत करने की योजना बनाई गई है।
कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने का प्रयास भी बजट में शामिल है।
पर्यटन विकास से आर्थिक मजबूती
उत्तराखंड को देवभूमि के रूप में जाना जाता है और यहां का पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है।
बजट में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में धार्मिक पर्यटन, एडवेंचर पर्यटन, इको टूरिज्म और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए।
चारधाम यात्रा, ट्रेकिंग रूट, होमस्टे योजना और पर्यटन ढांचे को मजबूत करने के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। इससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
Uttarakhand Budget 2026-27 में युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप पर फोकस

धामी सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार को प्राथमिकता दी है। बजट में स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं का प्रस्ताव रखा गया है।
सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के युवा नौकरी खोजने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनें। इसके लिए स्टार्टअप को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
इसके अलावा तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रमों को भी मजबूत करने की योजना बनाई गई है।
आधारभूत ढांचे का विस्तार
राज्य के विकास के लिए सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे आधारभूत ढांचे को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
Uttarakhand Budget 2026-27 में सड़कों के निर्माण, पुलों के निर्माण, ग्रामीण कनेक्टिविटी और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
इसके साथ ही डिजिटल सेवाओं के विस्तार के माध्यम से सरकार ई-गवर्नेंस और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम कर रही है।
Uttarakhand Budget 2026-27 में पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान
उत्तराखंड एक संवेदनशील हिमालयी राज्य है, जहां पर्यावरण संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है।
इसी को ध्यान में रखते हुए बजट में जल संरक्षण, वनीकरण, जैव विविधता संरक्षण और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यक्रमों पर भी जोर दिया गया है।
सरकार का उद्देश्य है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए राज्य को आगे बढ़ाया जाए।
पहाड़ और मैदान के बीच संतुलित विकास
धामी सरकार का कहना है कि उत्तराखंड के विकास के लिए पहाड़ और मैदान दोनों क्षेत्रों का समान विकास जरूरी है।
बजट में पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। इससे पलायन की समस्या को कम करने में भी मदद मिलेगी।
सरकार का लक्ष्य है कि लोग अपने गांव में ही बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें।
Uttarakhand Budget 2026-27 में मुख्यमंत्री धामी का विजन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह बजट उत्तराखंड के समग्र विकास और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि ‘संतुलन’ मॉडल के माध्यम से राज्य में आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाए और राज्य के युवाओं, किसानों और महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
निष्कर्ष
Uttarakhand Budget 2026-27 राज्य के विकास की नई दिशा तय करने वाला बजट माना जा रहा है। ‘SANTULAN’ मॉडल के आठ मूल मंत्रों के माध्यम से सरकार ने विकास के सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है।
यदि इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है तो आने वाले वर्षों में उत्तराखंड में आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक समृद्धि को नई गति मिल सकती है।
धामी सरकार का यह बजट राज्य को समग्र, संतुलित और सतत विकास की ओर ले जाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

