संशोधित परीक्षा प्रणालियों (NEET पेपर लीक/धांधली) और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर भारी विरोध प्रदर्शन और ‘संसद मार्च’ (Sansad Chalo) का आयोजन हुआ। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी झड़प देखने को मिली।
मुख्य बिंदु और घटनाक्रम (Key Highlights)
- संसद मार्च का आह्वान: छात्र/युवा संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर ‘संसद मार्च’ का आह्वान किया गया था।
- जंतर-मंतर पर भारी भीड़: धारा 163 (BNSS) लागू होने और दिल्ली पुलिस की ओर से अनुमति न मिलने के बावजूद दिल्ली व आसपास के राज्यों से हजारों की संख्या में छात्र और युवा जंतर-मंतर पहुंचे।
- झड़प और लाठीचार्ज: बैरिकेड्स तोड़कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों ने वॉटर कैनन, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
- घायलों की स्थिति: इस झड़प और पथराव में 115 से अधिक पुलिसकर्मी (जिनमें वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं) तथा 60 से अधिक प्रदर्शनकारी छात्र घायल हुए। घायल छात्रों व पुलिसकर्मियों को राम मनोहर लोहिया (RML) और लेडी हार्डिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- सोनम वांगचुक का अनशन: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर अनशन पर थे, जिन्हें पुलिस द्वारा सफदरजंग/अस्पताल ले जाया गया, हालांकि उन्होंने अपनी मांगें पूरी न होने तक अनशन जारी रखने का ऐलान किया है।
प्रशासनिक कार्रवाई और सरकार से वार्ता
- कानूनी कार्रवाई: दिल्ली पुलिस ने हिंसा, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में 5 से अधिक FIR दर्ज की हैं और CCTV फुटेज के आधार पर जांच जारी है।
- केंद्रीय मंत्री से मुलाकात: प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल (आशुतोष रांका और सौरव दास) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात की और अपनी मांगें रखीं। मंत्री ने मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया, लेकिन किसी लिखित समझौते तक बात न पहुंचने के कारण छात्रों ने सांकेतिक प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया है।
- सियासी हलचल: विपक्ष के नेताओं ने पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज पर सरकार की आलोचना की है।

