पिथौरागढ़ जिले के बड़ौली गांव निवासी दीपक भट्ट ने लगातार असफलताओं के बावजूद हार नहीं मानी और उत्तराखंड पुलिस में उपनिरीक्षक (SI) पद हासिल कर लिया। पहले सेना, एसएससी और पुलिस कांस्टेबल भर्ती में असफल रहे दीपक ने कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास से यह सफलता प्राप्त की।
दीपक भट्ट ने दयानंद इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की और इसके बाद स्नातक (बीए) की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के बाद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। सबसे पहले भारतीय सेना की भर्ती परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद एसएससी की परीक्षा में 80 से अधिक अंक प्राप्त करने के बावजूद शारीरिक दक्षता परीक्षा में असफल हो गए।
वर्ष 2023 में उन्होंने उत्तराखंड पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में भी भाग लिया, लेकिन यहां भी चयन नहीं हो सका। इसके बावजूद दीपक ने हिम्मत नहीं हारी और पूरी लगन से तैयारी जारी रखी। अंततः उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की उपनिरीक्षक परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने लक्ष्य को पूरा किया।
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीपक भट्ट को नियुक्ति पत्र सौंपा। इस अवसर पर दीपक ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बार-बार असफलता के बावजूद अपने हौसले नहीं टूटने चाहिए। निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास से सफलता निश्चित रूप से मिलती है।
दीपक की सफलता पर बड़ौली गांव के ग्राम प्रधान त्रिलोचन भट्ट सहित क्षेत्र के लोगों ने खुशी जताई और उन्हें शुभकामनाएं दीं। दीपक भट्ट की यह कहानी आज के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।

