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रानीबाग स्थित जिया रानी मंदिर भूमि पर अतिक्रमण के आरोप: कत्यूरी समाज का उग्र विरोध, जिलाधिकारी नैनीताल को सौंपा ज्ञापन

हल्द्वानी/नैनीताल: कुमाऊं की ऐतिहासिक धरोहर और कत्यूरी राजवंश की कुलदेवी मानी जाने वाली महारानी जिया रानी (रानीबाग) मंदिर परिसर तथा उसकी आसपास की भूमि पर अवैध अतिक्रमण के आरोपों को लेकर कत्यूरी समाज में गहरा आक्रोश है। उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों से एकत्र हुए कत्यूरी समाज के प्रतिनिधियों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी (DM) नैनीताल को एक ज्ञापन (Memorandum) सौंपा और मंदिर भूमि की सुरक्षा की गुहार लगाई।

क्या है पूरा मामला?

हल्द्वानी के समीप रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट और जिया रानी मंदिर ऐतिहासिक व धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। कत्यूरी समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि पिछले कुछ समय से मंदिर परिसर से सटी भूमि पर कुछ भू-माफिया और असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध पक्के व कच्चे निर्माण कर भूमि को हड़पने की कोशिश की जा रही है।

  • आस्था पर चोट: कत्यूरी वंशजों का कहना है कि रानीबाग कत्यूर राजवंश के शौर्य और आस्था का मुख्य केंद्र है। यहाँ हर वर्ष उत्तरायणी और मकर संक्रांति पर दूर-दूर से कत्यूरी वंशज अपनी कुलदेवी के दर्शन एवं जागर अनुष्ठान के लिए पहुंचते हैं।
  • अवैध कब्जे की कोशिश: समाज के नेताओं का दावा है कि मंदिर से जुड़ी भूमि और वन/राजस्व भूमि पर लगातार अतिक्रमण का दायरा बढ़ता जा रहा है, जिससे मंदिर के मूल स्वरूप और धार्मिक पवित्रता पर असर पड़ रहा है।

ज्ञापन में कत्यूरी समाज की प्रमुख मांगें

जिलाधिकारी नैनीताल के माध्यम से प्रेषित ज्ञापन में कत्यूरी समाज ने प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मुख्य बिंदु रखे हैं:

  1. तत्काल भूमि पैमाइश व सीमांकन: राजस्व विभाग और लोक निर्माण विभाग द्वारा जिया रानी मंदिर परिसर और चित्रशिला घाट क्षेत्र की भूमि का तत्काल सीमांकन (Land Measurement) कराया जाए।
  2. अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्रवाई: मंदिर की भूमि पर किए गए सभी अवैध कब्जों और निर्माणों को चिन्हित कर तुरंत ध्वस्त किया जाए।
  3. सुरक्षा एवं बाउंड्री वॉल निर्माण: मंदिर क्षेत्र की बाउंड्री वॉल (चहारदीवारी) का निर्माण कर इसे संरक्षित किया जाए ताकि भविष्य में अतिक्रमण की गुंजाइश न रहे।
  4. रानीबाग को पर्यटन/तीर्थ स्थल का दर्जा: कत्यूरी राजाओं की स्मृति से जुड़े इस ऐतिहासिक स्थल को राजकीय तीर्थ एवं सांस्कृतिक पर्यटन क्षेत्र घोषित किया जाए।

कत्यूरी समाज की चेतावनी

ज्ञापन सौंपने के दौरान कत्यूरी समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस संवेदनशील मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की, तो संपूर्ण कुमाऊं व गढ़वाल क्षेत्र के कत्यूरी वंशज सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

प्रशासनिक आश्वासन: जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित उपजिलाधिकारी (SDM) और तहसीलदार को मामले की निष्पक्ष जांच और जल्द से जल्द स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

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