Wed. Feb 11th, 2026

नगर आयुक्त के खिलाफ पार्षदों का गुस्सा, अपमान का आरोप लगाकर हंगामा

पिथौरागढ़ नगर निगम की दूसरी बोर्ड बैठक में मेयर कल्पना देवलाल की अध्यक्षता में तीखी नोकझोंक और हंगामे का माहौल रहा। प्रभारी नगर आयुक्त डॉ. दीपक सैनी और पार्षदों के बीच भवन कर बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर विवाद इतना बढ़ा कि अधिकांश पार्षदों ने आयुक्त पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। गुस्साए पार्षदों ने नगर निगम कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।

पार्षदों का कहना था कि भवन कर बढ़ाना जनता के हित में नहीं है, क्योंकि लोग पहले से ही करों के बोझ तले दबे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कर वृद्धि का विरोध करने पर नगर आयुक्त ने उनका अपमान किया, जो अस्वीकार्य है। प्रदर्शनकारी पार्षदों में त्रिलोक महर, ममता पांडे, सुनील नगरकोटी, हंसी प्रकाश, कमलेश चंद, राहुल लुंठी, करन सिंह, कमलेश जोशी, रवि मेहता और दीपशिखा मेहता शामिल थे। उन्होंने मांग की कि जब तक स्थायी नगर आयुक्त की नियुक्ति नहीं होती, वे बोर्ड बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे।

हालांकि, कुछ पार्षदों ने बैठक में भाग लिया और अपने क्षेत्रों की समस्याओं पर चर्चा की। नगर निगम कर्मचारियों और अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी पार्षदों से बैठक में शामिल होने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।

नगर आयुक्त का जवाब

कुछ पार्षदों ने उपस्थिति दर्ज कराने का विरोध किया। भवन कर निर्धारण की प्रक्रिया लंबी है और किसी भी पार्षद के साथ अभद्रता नहीं हुई। कुछ पार्षद पहले से ही बैठक के बहिष्कार के इरादे से आए थे। सभी आरोप निराधार हैं।
डॉ. दीपक सैनी, प्रभारी नगर आयुक्त, पिथौरागढ़

मेयर का बयान

कुछ पार्षदों और नगर आयुक्त के बीच तीखी बहस हुई। नगर निगम शहर की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। सभी पार्षदों को साथ लेकर समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
कल्पना देवलाल, मेयर, पिथौरागढ़

विधायक मयूख महर के प्रस्ताव

विधायक मयूख महर ने निजी कारणों से बैठक में शामिल न हो पाने की बात कहते हुए अपने प्रस्ताव भेजे। उन्होंने बिण और दौला क्षेत्रों में किरायेदारों के लिए सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण की मांग की, क्योंकि निजी शौचालयों की कमी से खुले में शौच की समस्या बढ़ रही है, जिससे गंदगी फैल रही है। इसके अलावा, उन्होंने केवल 20% क्षेत्र में सीवर लाइन होने और परंपरागत टैंकों के कारण सड़कों पर सीवर बहने की समस्या उठाई। उन्होंने सीवर टैंकों की सफाई के लिए ट्रैक्टर और टैंकरों की व्यवस्था की मांग की।

आपदा से नुकसान और अन्य प्रस्ताव

मेयर कल्पना देवलाल ने बताया कि हाल की आपदा में नगर निगम की संपत्तियों को लगभग एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके लिए जल्द ही आकलन तैयार कर आपदा प्रबंधन विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा। बैठक में सिल्थाम से गांधी चौक तक फड़ों का पहाड़ी शैली में पुनर्निर्माण और नैनीपातल में आधुनिक एमआरएफ सेंटर व सड़क निर्माण के प्रस्ताव पारित किए गए। साथ ही, 26 अक्टूबर से 2 नवंबर तक शरदोत्सव और विकास प्रदर्शनी आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

मेयर ने कहा कि आपदा से क्षतिग्रस्त रास्तों और नालियों की मरम्मत के साथ-साथ घर-घर से कूड़ा संग्रह और निस्तारण के लिए प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए सरकारी भूमि पर परियोजनाएं तैयार की जा रही हैं, लेकिन राजस्व अभिलेखों में भूमि निगम के नाम दर्ज न होने से कार्यान्वयन में बाधा आ रही है। इस दिशा में जल्द कार्रवाई शुरू होगी।

बैठक में परवीन उपरारी, पवन पाटनी, दिनेश कापड़ी, मोहित चौसाली, भावना कापड़ी सहित अन्य पार्षद शामिल रहे।

By Karan

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *