देहरादून। जन चेतना जागृति मंच उत्तराखंड की जुलाई माह की मासिक बैठक देहरादून के गणेश विहार, वार्ड-52 में श्री राम भरोसे उनियाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में मंच के संरक्षक श्री दिवाकर उनियाल, श्री एस. एस. पवार, श्री महेश बागवाड़ी, कार्यकारिणी सदस्य श्री मनीष नेगी, मंच के अध्यक्ष श्री अनिरुद्ध डोबरियाल सहित अनेक बुद्धिजीवी नागरिकों ने भाग लिया।
बैठक में संगठन की अब तक की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए आगामी समय में जनहित से जुड़े मुद्दों पर और अधिक सक्रियता के साथ कार्य करने का संकल्प लिया गया। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन पिछले कई वर्षों से देहरादून में सड़क, पेयजल, बिजली, अतिक्रमण, भ्रष्टाचार तथा आम नागरिकों की दैनिक समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
मंच के अध्यक्ष अनिरुद्ध डोबरियाल ने कहा कि संगठन का मूल मंत्र “समस्या और उसका समाधान” है। उन्होंने बताया कि जन चेतना जागृति मंच किसी भी जनसमस्या को केवल उठाता ही नहीं, बल्कि उसके पूर्ण समाधान तक लगातार संबंधित विभागों और प्रशासन के समक्ष उसका प्रभावी ढंग से अनुसरण करता है। यही कार्यशैली मंच की सबसे बड़ी पहचान और विश्वसनीयता का आधार बनी है।
उन्होंने बताया कि देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों से नागरिक अपनी समस्याएं मंच तक सीधे पहुंचा रहे हैं। कोई भी व्यक्ति मंच के हेल्पलाइन नंबर 8077368421 पर अपनी समस्या भेज सकता है, जिसके बाद मंच पूरी निष्ठा, निस्वार्थ भावना और बिना किसी शुल्क के संबंधित समस्या के समाधान के लिए प्रयास करता है।
बैठक में यह भी कहा गया कि जन चेतना जागृति मंच ने पिछले वर्षों में अनेक नागरिक समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संगठन का उद्देश्य केवल शिकायत करना नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच एक सकारात्मक सेतु बनकर जनहित के कार्यों को गति देना है।
मंच के संरक्षक दिवाकर उनियाल ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि जन चेतना जागृति मंच भविष्य में भी इसी समर्पण और सक्रियता के साथ देहरादून की जनता की सेवा करता रहेगा तथा जनहित के मुद्दों को पूरी मजबूती से उठाता रहेगा।

बैठक के दौरान उपस्थित सदस्यों ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, युवाओं एवं जागरूक नागरिकों को जोड़ने तथा जनसेवा के कार्यों को पूरे उत्तराखंड तक विस्तार देने पर भी विचार-विमर्श किया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में ऐसे सामाजिक संगठनों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है, जो बिना किसी राजनीतिक स्वार्थ के जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कार्य करें।
बैठक का समापन समाजहित, जनसेवा और उत्तराखंड के नागरिकों के प्रति समर्पण की भावना के साथ किया गया।

