*****बीजिंग/नई दिल्ली:** चीन की सैन्य अदालत ने पूर्व रक्षा मंत्रियों **वेई फेंगहे** और **ली शांगफू** को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में मौत की सजा (दो साल की राहत के साथ) सुनाई है। दोनों शी जिनपिंग के नेतृत्व वाली सेंट्रल मिलिट्री कमिशन के सदस्य रह चुके थे और PLA रॉकेट फोर्स की कमान संभाल चुके थे। यह फैसला शी जिनपिंग के सत्ताकाल में चल रहे व्यापक एंटी-करप्शन अभियान का नया और सबसे ऊंचे स्तर का उदाहरण है।
### चीन का सख्त एंटी-करप्शन अभियान
2012 से शी जिनपिंग ने भ्रष्टाचार को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। अब तक **23 लाख से अधिक** अधिकारी दंडित हो चुके हैं। 2025 में अकेले करीब 9.83 लाख मामलों में कार्रवाई हुई। उच्च पदस्थों में कई जनरल, मंत्री और प्रांतीय नेता शामिल हैं। चीन में भ्रष्टाचार के “अत्यंत गंभीर” मामलों में मौत की सजा का प्रावधान है, जो विकास और सैन्य आधुनिकीकरण के लिए संसाधनों के स्वच्छ उपयोग को सुनिश्चित करता है।
### चीन के सैन्य सुधार (2015 से अब तक)
सैन्य सुधारों और भ्रष्टाचार विरोधी अभियान साथ-साथ चले हैं। प्रमुख बदलाव:-
3 लाख सैनिकों की कटौती, थलसेना का आकार घटाया गया।
7 मिलिट्री रीजन की जगह **5 थिएटर कमांड्स** बनाए गए।-
PLA Rocket Force और Strategic Support Force (अब Information Support Force) को मजबूत किया।-
CMC के अधीन संयुक्त कमांड सिस्टम विकसित किया, जिससे “joint operations” क्षमता बढ़ी।-
परिणाम: दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना, हाइपरसोनिक मिसाइलें, J-20 स्टेल्थ फाइटर, स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर और तेज परमाणु विस्तार।
2024-25 में Information Support Force बनाकर सूचना युद्ध, साइबर और स्पेस डोमेन पर फोकस बढ़ाया गया।
लक्ष्य — 2035 तक पूर्ण आधुनिकीकरण और 2049 तक विश्व की सर्वश्रेष्ठ सेना।
### भारत के सैन्य सुधार:
प्रगति लेकिन धीमी गतिभारत ने भी सैन्य आधुनिकीकरण और एकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, हालांकि चीन की तुलना में प्रक्रिया अधिक लोकतांत्रिक और सहमति-आधारित है:-
**कारगिल के बाद सुधार** (2001): NSA, IDS, DIA और स्ट्रैटेजिक फोर्स कमांड की स्थापना।-
**CDS पद** (2020): जनरल बिपिन रावत पहले CDS, अब जनरल अनिल चौहान। CDS को बाइंडिंग जॉइंट ऑर्डर्स जारी करने का अधिकार दिया गया।-
**थिएटर कमांड्स** (Theatreisation): 2026 में निर्णायक चरण में। उत्तरी (चीन), पश्चिमी (पाकिस्तान) और समुद्री थिएटर प्रस्तावित। 17 अलग कमांड्स को एकीकृत करने की दिशा में सबसे बड़ा बदलाव।-
**अग्रिपथ योजना**: 1.75 लाख से अधिक अग्निवीर भर्ती, सेना को युवा और टेक्नोलॉजी-सक्षम बनाने का प्रयास।
– **आत्मनिर्भर भारत**: पॉजिटिव इंडिजिनाइजेशन लिस्ट, ,INS विक्रांत, Tejas Mk-1A, BrahMos, Akash आदि। रक्षा निर्यात बढ़ा, FDI उदारीकृत।- **विजन 2047**: 2047 तक विश्व स्तरीय सेना का रोडमैप।
### तुलना और भारत के लिए सबक
चीन में भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई ने सैन्य सुधारों को तेजी दी और संसाधनों का कुशल उपयोग सुनिश्चित किया, जिससे PLA की लड़ाकू क्षमता तेजी से बढ़ी। भारत में भ्रष्टाचार अभी भी विकास और रक्षा procurements को प्रभावित करता है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के सूचकांक में भारत की स्थिति सुधरी है, लेकिन बड़े घोटालों का इतिहास और संसाधनों का दुरुपयोग अभी चुनौती बने हुए हैं।
**भारत को क्या करना चाहिए?**-
उच्च पदस्थ भ्रष्ट अधिकारियों पर तेज, निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई।- थिएटर कमांड्स को शीघ्र लागू करना और तीनों सेवाओं में पूर्ण जॉइंटनेस सुनिश्चित करना।- रक्षा बजट में बढ़ोतरी के साथ-साथ आत्मनिर्भरता को और तेज करना।- भ्रष्टाचार पर चीन जैसी राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाना, ताकि विकास योजनाओं और रक्षा तैयारियों का पूरा लाभ मिल सके।
आगे क्या
चीन का मॉडल दिखाता है कि भ्रष्टाचार पर सख्ती और सैन्य सुधार एक-दूसरे के पूरक हैं। भारत, जो सभी मोर्चों पर की चुनौती का सामना कर रहा है, जहां पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश और अब अरब देश भी एक साथ जाते दिख रहे हैं, को अपनी क्षमता के अनुरूप तेज, पारदर्शी और निर्णायक सुधारों की जरूरत है। 2026-27 इन दोनों देशों के सैन्य आधुनिकीकरण के लिए निर्णायक वर्ष साबित हो सकते हैं, जो भारत के लिए बहुत ही जरूरी हो चुका है।

