देहरादून/हल्द्वानी, 8 अप्रैल 2026 – उत्तराखंड सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रखी है। आज हल्द्वानी स्थित सतर्कता टीम ने लमगड़ा ब्लॉक कार्यालय (अल्मोड़ा) के एकाउंटेंट को 15 हजार रुपये** की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने शिकायतकर्ता से 3 लाख रुपये की स्वीकृत शौचालय निर्माण टेंडर राशि के लिए FDR जारी करने के बदले रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता ने सतर्कता की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 पर शिकायत की, जिसके बाद ट्रैप टीम ने लमगड़ा ब्लॉक कार्यालय पहुंचकर आरोपी को मौके पर पकड़ लिया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सतर्कता निदेशक डॉ. वी. मुरुगेसन ने ट्रैप टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर विभाग को पूर्ण स्वतंत्रता (फ्री हैंड) दी गई है, जिसके कारण भ्रष्टाचारियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।
उत्तराखंड विजिलेंस विभाग का शानदार रिकॉर्ड (पिछले 1 वर्ष और समग्र)
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी और विजिलेंस विभाग को दिए गए फ्री हैंड के कारण विभाग ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है:
- 2025 में: 21 ट्रैप ऑपरेशन में 26 भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारी (6 गजेटेड और 20 नॉन-गजेटेड) गिरफ्तार। कुल 5.94 लाख रुपये की रिश्वत बरामद। हेल्पलाइन 1064 पर मिली शिकायतों पर 14 मामले दर्ज, 17 आरोपी रंगे हाथों पकड़े गए। कुल 28 मामले निपटाए गए।
- अप्रैल 2022 से सितंबर 2025 तक: 92 अधिकारी-कर्मचारी गिरफ्तार (13 गजेटेड), 28 दोषसिद्ध (71% दोषसिद्धि दर)।
- राज्य गठन (2000) से अब तक: 339 सरकारी अधिकारी-कर्मचारी भ्रष्टाचार के लिए गिरफ्तार।
हाल की अन्य प्रमुख विजिलेंस कार्रवाइयां
- मार्च 2026: देहरादून में UPCL के जूनियर इंजीनियर अतुल कुमार को 80 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार (नया बिजली कनेक्शन बढ़ाने के नाम पर)।
- अप्रैल 2026: देहरादून के डिप्टी एजुकेशन ऑफिसर धनवीर सिंह बिष्ट और सहयोगी पुष्पांजलि को 1 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार (आरटीई बिल पास करने के बदले)।
- जनवरी 2026: उत्तरकाशी में अमीन को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा (मुआवजा दिलाने के नाम पर)।
- मई 2025: देहरादून आईएसबीटी चौकी प्रभारी एसआई देवेश खुगशाल को 1 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार।
ये कार्रवाइयां साबित करती हैं कि CM धामी के सख्त निर्देशों और डॉ. वी. मुरुगेसन के कुशल नेतृत्व में विजिलेंस विभाग भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने विभाग को पूर्ण स्वतंत्रता दी है, जिसके फलस्वरूप ट्रैप, गिरफ्तारी और दोषसिद्धि की संख्या लगातार बढ़ रही है। जनता को भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने का वादा पूरा हो रहा है।
उत्तराखंड वासियों से अपील: किसी भी सरकारी काम (टेंडर, FDR, बिल, प्रमोशन, कनेक्शन आदि) में रिश्वत मांगी जाए तो बिना डरे 1064 (टोल-फ्री) या व्हाट्सएप 9456592300 पर शिकायत करें। आपकी पहचान गोपनीय रहेगी।
अपडेट रहें – सतर्कता विभाग की इन कार्रवाइयों से विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचारियों का मनोबल टूटेगा।

