देहरादून, 13 मई 2026: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में ऊर्जा संरक्षण, पर्वतीय क्षेत्रों में भूमि सुधार, स्वास्थ्य शिक्षा, पर्यटन, जल विद्युत परियोजनाओं और अल्पसंख्यक शिक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों से जुड़े फैसले लिए गए। ये निर्णय प्रदेश के विकास, रोजगार सृजन और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखकर किए गए हैं।
ऊर्जा और ईंधन बचत पर फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के अनुरूप कैबिनेट ने ईंधन और ऊर्जा बचत को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए।
- मुख्यमंत्री और मंत्रियों के फील्ड दौरों में वाहनों की संख्या आधी कर दी जाएगी।
- प्रदेश में सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” लागू किया जाएगा।
ये उपाय प्रदूषण कम करने, पेट्रोल-डीजल की बचत और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से किए गए हैं।
पर्वतीय क्षेत्रों में चकबंदी नीति को मंजूरी
पर्वतीय इलाकों के किसानों और भूमि मालिकों के लिए बड़ी राहत:
- स्वैच्छिक/आंशिक चकबंदी प्रोत्साहन नीति को मंजूरी।
- हर जिले में 10 गांवों का चयन कर चकबंदी की जाएगी।
- चकबंदी समिति का गठन होगा और 120 दिनों के अंदर आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
- उत्तराखंड राज्य चकबंदी कार्मिक समायोजन नियमावली, 2026 को भी स्वीकृति।
यह नीति पर्वतीय क्षेत्रों में खंडित भूमि को एकीकृत करके कृषि उत्पादकता बढ़ाने और भूमि विवादों को कम करने में मदद करेगी।
चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार
- राजकीय मेडिकल कॉलेजों में संकाय सदस्यों की कमी दूर करने के लिए संविदा नियुक्तियों का अधिकार अब सचिव स्तर को दिया गया।
- चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के ढांचे का पुनर्गठन।
- गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में कार्यरत 277 संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को “समान कार्य, समान वेतन” का लाभ।
- लैब टेक्नीशियन संवर्ग को IFS मानकों के अनुरूप किया जाएगा।
पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा
- उत्तराखंड पर्यटन यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली में संशोधन।
- होम स्टे संचालक अब 8 कमरों तक संचालन कर सकेंगे।
- ऑनलाइन भुगतान पर होम स्टे लाइसेंस का नवीनीकरण स्वतः हो जाएगा।
यह फैसला पर्यटन उद्योग को सरल और पारदर्शी बनाने तथा होमस्टे व्यवसाय को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
जल विद्युत और ऊर्जा क्षेत्र में सुधार
- लघु जल विद्युत परियोजना विकास नीति 2015 में संशोधन: परफॉर्मेंस सिक्योरिटी को शून्य कर दिया गया।
- अब प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट के आधार पर परियोजनाएं आवंटित की जाएंगी (DPR की जगह)।
- तीनों ऊर्जा निगमों में निदेशक नियुक्ति नियमावली में संशोधन: निदेशक मंडल के बाहर के व्यक्ति को भी निदेशक बनाया जा सकेगा।
अन्य प्रमुख फैसले
- राजस्व परिषद समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी संशोधन सेवा नियमावली 2026 को मंजूरी।
- सुगंध पौधा केंद्र का नाम बदलकर “परफ्यूमरी एंड एरोमेटिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट” किया गया।
- रजिस्टर न्यायालय और केस मैनेजमेंट पदों को मंजूरी।
- महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट के संचालन के लिए प्रधानाचार्य समेत 16 पद स्वीकृत।
- पंचायत भवन निर्माण मद की धनराशि 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये की गई।
- फॉरेंसिक साइंस विभाग में 15 नए पदों का सृजन।
- उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान मान्यता नियमावली 2026 को मंजूरी।
- विधानसभा सत्र के सत्रावसान को स्वीकृति।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन फैसलों को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार “विकसित उत्तराखंड” के लक्ष्य को तेजी से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऊर्जा बचत, स्वास्थ्य सुविधाएं, पर्यटन और कृषि क्षेत्र में ये निर्णय जनहित में साबित होंगे।
प्रभाव:
ये 19 फैसले उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएंगे, स्वास्थ्य और शिक्षा को बेहतर बनाएंगे तथा पर्यावरण संरक्षण में योगदान देंगे। आम नागरिकों, किसानों, पर्यटन व्यवसायियों और चिकित्सा क्षेत्र के कर्मचारियों को इनसे सीधा लाभ होने की उम्मीद है।
सरकार इन फैसलों को जल्द से जल्द लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है। जनता इन निर्णयों का स्वागत कर रही है। चुनावी वर्ष में अब सरकार जनहित के फैसलों में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
नोट: विस्तृत अधिसूचना और नियमावलियों के लिए उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या सचिवालय की जानकारी देखें।

