Wed. Feb 11th, 2026

30 हजार की मांग पर अस्पताल की अमानवीयता, महिला का शव 4 घंटे रोका

हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में 42 वर्षीय सीमा बिरौड़िया की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन पर शव को बंधक बनाने का गंभीर आरोप लगा है। मृतका के पति नंदन बिरौड़िया का आरोप है कि इलाज के नाम पर 57 हजार रुपये पहले ही जमा करवा लिए गए थे, इसके बावजूद मौत के बाद अस्पताल ने 30 हजार रुपये और मांगे और करीब चार घंटे तक शव परिजनों को नहीं सौंपा।

सीमा बिरौड़िया, अल्मोड़ा जिले के गोलना करड़िया धारानौला क्षेत्र की निवासी थीं और किडनी की मरीज थीं। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अल्मोड़ा के बेस अस्पताल से हल्द्वानी के निजी अस्पताल में रेफर किया गया था। शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे उन्हें अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जहां इलाज और दवाइयों के लिए 57 हजार रुपये जमा कराए गए। परिजनों के अनुसार, महिला को आईसीयू में शिफ्ट करने की तैयारी के दौरान ही उनकी मृत्यु हो गई।

मृतका के पति ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए शव न मिलने की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजुनाथ टीसी से की। एसएसपी के निर्देश पर सीओ सिटी अमित कुमार और प्रभारी निरीक्षक विजय मेहता अस्पताल पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। साथ ही मृत्यु प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराया गया। पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन को भविष्य में मानवता का ध्यान रखने की हिदायत दी है।

वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को निराधार बताया है। अस्पताल का कहना है कि मरीज कई गंभीर बीमारियों से ग्रस्त थीं और इलाज के दौरान लगभग 30 हजार रुपये की दवाइयां लगाई गई थीं। प्रबंधन के अनुसार, मरीज की मौत के बाद परिजन भुगतान में छूट की बात कर रहे थे और शव रोकने जैसी कोई मंशा नहीं थी।

फिलहाल मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी गई है, हालांकि घटना के बाद निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

By Karan

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *