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भारत में घुसपैठ की कोशिश कर रहे सात कैदी नेपाल पुलिस को सौंपे गए

चंपावत जिले में नेपाल की जेलों से भागे सात कैदियों को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने बनबसा सीमा पर हिरासत में लिया और उन्हें नेपाल पुलिस को सौंप दिया। इस दौरान नेपाल ले जाए जाने के क्रम में तीन कैदी फरार हो गए, जिनमें से एक को बाद में पकड़ा गया, जबकि दो अभी भी लापता हैं। इस घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है, और संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है।

घटना की जानकारी

एसएसबी और स्थानीय पुलिस नेपाल की जेलों से फरार कैदियों को भारत में प्रवेश करने से रोकने के लिए सघन गश्त कर रही है। बनबसा सीमा पर पकड़े गए सात कैदियों को नेपाल आर्म्ड पुलिस को सौंपा गया। हालांकि, नेपाल ले जाते समय तीन कैदी भाग निकले। इनमें से एक को बाद में नेपाल पुलिस ने पकड़ा, लेकिन दो अन्य अभी भी फरार हैं। फरार कैदियों में एक हल्द्वानी और दो उत्तर प्रदेश के निवासी हैं।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

एसपी अजय गणपति ने बताया कि फरार कैदियों और संदिग्धों को रोकने के लिए नियमित पेट्रोलिंग और सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है, और स्थानीय लोगों से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी साझा करने की अपील की गई है। सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।

आईजी का दौरा और समीक्षा

बुधवार रात पुलिस आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने बनबसा सीमांत क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने एसएसबी और पुलिस अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और सीमा क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया। ग्रामवासियों से बातचीत के दौरान उन्होंने सहयोग की अपील की और क्षेत्र में शांति बनाए रखने का आह्वान किया। आईजी ने सुरक्षा बलों को हर संभव सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

समुदाय की भूमिका

एसपी अजय गणपति ने स्थानीय लोगों से संयम और सहयोग बनाए रखने की अपील की। इस दौरान सीओ वंदना वर्मा और बनबसा थानाध्यक्ष एसएस कोरंगा भी मौजूद रहे। प्रशासन का लक्ष्य सीमा सुरक्षा को और सुदृढ़ करना और फरार कैदियों को शीघ्र पकड़ना है।

इस घटना ने सीमा पार अपराध और सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से चर्चा शुरू कर दी है, और स्थानीय प्रशासन फरार कैदियों की तलाश में तेजी से काम कर रहा है।

By Karan

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