October 27, 2026

हरीश धामी की धामी सरकार को ललकार: बोले—भाजपा सरकार का आखिरी सत्र, सवालों की बौछार के लिए तैयार उत्तराखंड के बेबाक और दमदार विधायक!

धारचूला के विधायक हरीश धामी ने सरकार को घेरने के लिए कसी कमर; अपने ही विधानसभा क्षेत्र में आयोजित अल्ट्रा मैराथन में आमंत्रित नहीं किए जाने का मामला सदन में उठाने और विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की बात कही।

गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र शुरू होने के साथ ही सियासी पारा चढ़ने लगा है। चुनावी वर्ष में धामी सरकार के इस अंतिम सत्र को सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी बीच कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने सरकार के सामने सवालों के साथ खड़े होने के संकेत दिए हैं।

धारचूला से विधायक हरीश धामी अपने बेबाक अंदाज और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर मुखर रहने के लिए जाने जाते हैं। इस बार उनके निशाने पर अपने विधानसभा क्षेत्र में आयोजित अल्ट्रा मैराथन कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित नहीं किए जाने का मामला है। इस मुद्दे पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की बात कही है।

उनका सवाल केवल एक कार्यक्रम में आमंत्रण तक सीमित नहीं, बल्कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि की भूमिका और उसके क्षेत्र में होने वाले सरकारी आयोजनों में जनप्रतिनिधियों के सम्मान एवं सहभागिता से भी जुड़ा है। अब देखना होगा कि सदन में इस मामले पर सरकार और संबंधित विभाग क्या जवाब देते हैं।

सदन में उठ सकते हैं जनहित के बड़े सवाल

27 और 28 अक्टूबर को प्रस्तावित दो दिवसीय विधानसभा सत्र में सरकार सात हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश करने और आठ विधेयक सदन के पटल पर रखने की तैयारी में है। चुनाव से पहले के इस महत्वपूर्ण सत्र में विपक्ष बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, महंगाई और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है।

ऐसे में हरीश धामी सहित कांग्रेस विधायकों की भूमिका अहम होगी। जनता की अपेक्षा है कि सदन में उठाए जाने वाले सवाल केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित न रहें, बल्कि उनके जवाब, जिम्मेदारी तय करने और समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम भी सामने आएं।

धारचूला के मुद्दों पर भी रहेगी नजर

पर्वतीय विधानसभा क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, संचार सुविधाओं और पलायन जैसे सवाल लंबे समय से चर्चा में हैं। धारचूला जैसे सीमांत क्षेत्र के लिए इन मुद्दों का महत्व और भी अधिक है। ऐसे में विधायक हरीश धामी से अपेक्षा होगी कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में मजबूती से रखें और सरकार से स्पष्ट जवाब मांगें।

अल्ट्रा मैराथन प्रकरण में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की उनकी घोषणा अब इस सत्र के चर्चित मुद्दों में शामिल हो सकती है। हालांकि, प्रस्ताव पेश होने, उस पर कार्यवाही होने और सरकार की प्रतिक्रिया की पुष्टि सदन की वास्तविक कार्यवाही से ही होगी।

चुनाव से पहले सरकार की जवाबदेही की परीक्षा

भाजपा सरकार के मौजूदा कार्यकाल का अंतिम सत्र होने के कारण यह केवल बजट और विधेयकों का सत्र नहीं, बल्कि सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने का अवसर भी है। विपक्ष के लिए यह जनता के मुद्दों को सामने लाने की परीक्षा है, जबकि सरकार के लिए अपने निर्णयों और उपलब्धियों का जवाब देने का मौका।

गैरसैंण में सरकार के खिलाफ लामबंद होने वाले कांग्रेस विधायक हरीश धामी के जनहित के इन सवालों के जवाब पर प्रदेश की निगाहें टिकी हैं।

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