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पिथौरागढ़ के होनहार यशवंत सिंह सौन ने आरओ सचिवालय परीक्षा में हासिल की 23वीं रैंक, नागरिक उड्डयन विभाग में मिली पहली जिम्मेदारी

Yashwant at Secretariate

उत्तराखंड के पर्वतीय जिले पिथौरागढ़ से एक और सफलता की मिसाल कायम हुई है। स्थानीय निवासी यशवंत सिंह सौन ने कठिन आरओ (रिव्यू ऑफिसर) सचिवालय सेवा परीक्षा में 23वीं रैंक हासिल कर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। इस उपलब्धि पर जिले भर में लोगों ने ख़ुशी व्यक्त की है है।

यशवंत सिंह सौन मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के मढसौन, मनकटिया गांव के निवासी हैं। वर्तमान में वे जगदंबा कॉलोनी, स्टेडियम के निकट स्थित अपने आवास पर रहते हैं। कड़ी मेहनत और लगन से उन्होंने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त की है, जो उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाती है। आरओ सचिवालय पद के लिए लाखों अभ्यर्थी प्रतिस्पर्धा करते हैं, और टॉप 25 रैंक प्राप्त करना किसी साधारण उपलब्धि से कम नहीं है।

खेल के प्रति भी यशवंत का गहरा लगाव रहा है। उन्हें क्रिकेट में अत्यधिक रुचि रही है और उन्होंने राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में कई बार प्रतिभाग किया है। स्थानीय स्तर पर उनकी खेल प्रतिभा ने भी जिले का नाम रोशन किया है, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा का प्रमाण है। यशवंत की सफलता के पीछे उनके माता-पिता, परिवार और विशेष रूप से ताई जी देवकी कसनीयाल का महत्वपूर्ण योगदान है।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि ताई जी देवकी कसनीयाल ने बचपन से ही यशवंत को शिक्षा और अनुशासन की सीख दी, जबकि उनके शिक्षकों ने परीक्षा की तैयारी में अहम भूमिका निभाई। यशवंत ने कहा, “यह सफलता मेरे परिवार, ताई जी देवकी कसनीयाल और सभी शिक्षकों को समर्पित है। पिथौरागढ़ के दूरस्थ क्षेत्र से आकर भी सपनों को साकार करना संभव है। क्रिकेट ने मुझे अनुशासन और टीमवर्क सिखाया, जो मेरी तैयारी में सहायक सिद्ध हुआ।”

जॉइनिंग के बाद यशवंत का स्वागत गांव के लोगों ने भव्य ढंग से किया। मढसौन-मनकटिया के ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका अभिनंदन किया, जो क्षेत्र की एकजुटता और युवाओं पर विश्वास को दर्शाता है।

वर्तमान में यशवंत को नागरिक उड्डयन विभाग में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस नई भूमिका में प्रवेश करते हुए उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ को हवाई सेवाओं से जोड़ना, निरंतर सेवा के लिए प्रयास करना और दूरस्थ क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकताओं में प्रमुख रहेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में हवाई संपर्क की मजबूती से विकास को गति मिलेगी, और यशवंत इस दिशा में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

इसके साथ ही यशवंत कई बार पीसीएस परीक्षा के अंतिम चरण तक पहुंच चुके थे लेकिन उन्होने हार नहीं मानी, असफलता पर निराश नहीं होते हुवे, लक्ष्य पर लगातार टिके रहे। उन्होने उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री जी को भी धन्यवाद दिया और बताया कि उनके आने से ही लगातार भर्तियाँ आई और अब उन्हें मेहनत का फल मिला है।

पिथौरागढ़ जिला प्रशासन और स्थानीय संगठनों ने यशवंत को बधाई देते हुए कहा है कि ऐसी सफलताएं युवाओं को प्रोत्साहित करेंगी। जिले के अन्य अभ्यर्थी भी यशवंत की मेहनत से प्रेरित हो रहे हैं। यशवंत बचपन से ही हर क्षेत्र में मेधावी रहे हैं, यह सफलता उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

By Karan

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