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प्राइवेट स्कूल के छात्रों को महीने में एक बार बैग से मिलेगी मुक्ति

निजी स्कूलों के विद्यार्थियों पर भारी बस्ते का बोझ कम करने के लिए राज्य सरकार ने इन स्कूलों में महीने में एक बार बैग फ्री डे की अवधारणा लागू करने का निर्णय लिया है। अगले महीने से राज्य के सभी स्कूल हर महीने एक बैग फ्री डे मनाएंगे। शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि हाल ही में निजी स्कूल के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया। मंत्री ने बताया कि बैठक में उन्होंने निजी स्कूलों से अपने पाठ्यक्रम में ‘हमारी विरासत एवं विभूतियां’ पुस्तक जोड़ने को कहा। यह पुस्तक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने स्कूली विद्यार्थियों के लिए तैयार की है। उन्होंने बताया कि निजी स्कूलों के विद्यार्थी अब राज्य की समृद्ध संस्कृति, विरासत, सांस्कृतिक एवं सामाजिक सुधारों, लोक कला, संगीत, पर्यटन, ऐतिहासिक स्थलों, राज्य आंदोलन और प्रमुख हस्तियों से परिचित हो सकेंगे।

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में हर माह बैग फ्री डे की अवधारणा लागू की है और बस्ते के अधिकतम वजन की सीमा (कक्षावार) तय की है। अब इसे निजी स्कूलों में भी लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बैग फ्री डे की अवधारणा से छात्रों पर पड़ने वाले तनाव को कम करने और उन्हें नई शिक्षण तकनीकों से परिचित कराने में भी मदद मिलेगी। रावत ने कहा कि अप्रैल के पहले सप्ताह में निजी स्कूलों में बैग फ्री डे की अवधारणा को औपचारिक रूप से लागू कर दिया जाएगा। बैठक में लिए गए एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में सभी निजी स्कूलों को विद्या समीक्षा केंद्रों से जोड़ने का निर्णय लिया गया। रावत ने बताया कि बैठक में निजी और सरकारी स्कूलों के बीच शिक्षकों की साझेदारी पर भी सहमति बनी। रावत ने निजी स्कूलों से साक्षरता विरोधी अभियान में भाग लेने का आह्वान किया और कहा कि वे प्रत्येक शिक्षक को कम से कम एक निरक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाने का कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करें।

By Karan

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