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उत्तराखंड में सैटेलाइट इंटरनेट: दुर्गम क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति का नया युग

उत्तराखंड के हिमालयी सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में जहां पारंपरिक इंटरनेट पहुंचना चुनौतीपूर्ण है, वहां सैटेलाइट इंटरनेट अब एक बड़ा गेम-चेंजर बन रहा है। राज्य सरकार की डिजिटल उत्तराखंड पहल के तहत दूरस्थ गांवों, पर्यटन स्थलों और चीन-नेपाल सीमा से लगे इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने के प्रयास तेज हो गए हैं। एलन मस्क की स्टारलिंक जैसी वैश्विक सेवाओं के साथ-साथ भारतीय कंपनियां (जैसे Jio, Airtel और BSNL) भी इस दिशा में सक्रिय हैं। यह तकनीक राज्य को पूरी तरह से डिजिटल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में जहां कनेक्टिविटी राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास से जुड़ी है।

उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति

उत्तराखंड चीन के साथ लगभग 350 किमी और नेपाल के साथ 275 किमी की सीमा साझा करता है। पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा जैसे जिलों में कई गांव “डार्क विलेज” हैं, जहां मोबाइल या इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध नहीं है।

सैटेलाइट इंटरनेट कैसे गेम-चेंजर साबित हो सकता है

सैटेलाइट इंटरनेट लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) उपग्रहों से काम करता है, जो पारंपरिक नेटवर्क की तुलना में कम लेटेंसी (25-50 ms) और हाई-स्पीड (50-220 Mbps) प्रदान करता है।

वैश्विक सेवा प्रदाता: स्टारलिंक का योगदान

एलन मस्क की स्टारलिंक (SpaceX) ने 2025 में भारत में सेवाएं शुरू कीं, जिसमें Jio और Airtel के साथ साझेदारी शामिल है।

अन्य वैश्विक और भारतीय प्रदाता

उत्तराखंड सरकार कैसे उपयोग कर सकती है

डिजिटल उत्तराखंड पहल का लक्ष्य 2025 तक सभी गांवों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है।

देवभूमि के लोग अखबार के संपादक श्री भानु प्रताप सिंह की पहल

इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अस्कोट, पिथौरागढ
निवासी देवभूमि के लोग अखबार के संपादक श्री भानु प्रताप सिंह ने उत्तराखंड सरकार को एक विस्तृत पत्र लिखा है। उन्होंने राज्य के अनसर्विसेबल (अप्राप्य) क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाओं के लिए *टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
पत्र में उन्होंने सैटेलाइट इंटरनेट (स्टारलिंक, OneWeb, Jio-SES आदि) को प्राथमिकता देने और ग्रामीण/सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सब्सिडी वाले प्लान की सिफारिश की है। श्री सिंह ने विस्तृत सुझाव दिए हैं, जैसे:

उनका पत्र सरकार के लिए एक रोडमैप के रूप में काम कर सकता है, ताकि उत्तराखंड के दुर्गम इलाकों में डिजिटल पहुंच को जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जा सके।

चुनौतियां और भविष्य

सैटेलाइट इंटरनेट उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने का सबसे बड़ा माध्यम साबित हो रहा है। स्टारलिंक जैसी सेवाएं अब हिमालय की ऊंचाइयों तक पहुंच रही हैं, जहां पहले इंटरनेट एक सपना था। यह न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और राष्ट्रीय सुरक्षा को नई ऊंचाई देगा।

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