देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राजधानी के प्रशासन में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए 2012 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. आशीष चौहान को देहरादून का नया जिलाधिकारी (डीएम) और स्मार्ट सिटी देहरादून के सीईओ की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। वे मौजूदा डीएम सवीन बंसल की जगह लेंगे।
सरकार के सूत्रों के मुताबिक, देहरादून पिछले कुछ समय से शहरी विकास, ट्रैफिक प्रबंधन, पर्यटन विस्तार, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, आपदा प्रबंधन और जनसमस्याओं के समाधान जैसे क्षेत्रों में बढ़ते दबाव और कार्य चुनौतियों का सामना कर रहा था। विधानसभा चुनाव नजदीक आने के कारण सरकार ने राजधानी में विकास कार्यों को तेज गति देने का फैसला लिया। लंबे विचार-विमर्श और समुद्रमंथन के बाद डॉ. आशीष चौहान का नाम अंतिम रूप से चुना गया, जिनकी फील्ड ओरिएंटेड कार्यशैली इस चुनौती को पार करने के लिए सबसे उपयुक्त मानी गई।
डॉ. आशीष चौहान: एक जमीनी, प्रेरणादायक और पुरस्कृत प्रशासक
डॉ. आशीष कुमार चौहान (जिन्होंने आधिकारिक रूप से नाम को आशीष चौहान कर लिया है) उत्तराखंड कैडर के 2012 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। 16 जुलाई 1979 को राजस्थान के जोधपुर में जन्मे डॉ. चौहान ने जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर से बी.ए., बी.एड. और इतिहास में एम.ए. किया है। वे मध्यकालीन इतिहास में पीएचडी भी हैं।
वे अपनी तेज़-तर्रार, जमीनी और लोगों से जुड़ी कार्यशैली के लिए पूरे राज्य में मशहूर हैं। रात के समय गांवों में पहुंचकर समस्याओं का समाधान करना, दूरदराज क्षेत्रों में जनता दरबार लगाना और फील्ड में रहकर काम करना उनकी पहचान है। उन्हें “एक्शन ऑफिसर” और “फील्ड ओरिएंटेड ऑफिसर” कहा जाता है।
प्रमुख उपलब्धियां और पुरस्कार
देश के सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी के रूप में सम्मानित। न्यूजमेकर्स अचीवर्स अवॉर्ड 2022 में ‘बेस्ट आईएएस ऑफिसर’ पुरस्कार से नवाजा गया, खासकर कोविड-19 महामारी के दौरान उनके उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए।- उत्तरकाशी डीएम रहते हुए 2018 में स्पेनिश पर्वतारोही जुआन एंटोनियो (जुआन एंटोनियो) की मदद की। पर्वतारोही बीमार पड़ गए थे और डॉ. चौहान ने उनकी पूरी मदद की। बदले में स्पेन में एक अनाम चोटी का नाम “आशीष चौहान पीक” (Magistrate’s Point) और मार्ग का नाम “Via Ashish” रखा गया। यह उनकी मददगार छवि का अनोखा प्रमाण है।
– पिथौरागढ़ में डीएम रहते ऑपरेशन सीमांत सशक्तिकरण के तहत चीन-नेपाल सीमा के 47 गांवों में मोबाइल नेटवर्क, सड़कें और स्कूल पहुंचाए।
– जोशीमठ भू-धंसाव के दौरान 72 घंटे ग्राउंड पर रहकर 3000 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू कराया, जिसकी पीएमओ रिपोर्ट में सराहना हुई।
– “मेरा गांव-मेरा देश” अभियान चलाकर युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा।- उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और पौड़ी जैसे चुनौतीपूर्ण पहाड़ी जिलों में सफलतापूर्वक काम किया।
उनके प्रमुख पद:-
जिलाधिकारी, उत्तरकाशी (2017-2020)- एप्पल फेस्टिवल के आयोजन से ख्याति मिली ।
जिलाधिकारी, पिथौरागढ़ (21-22) – ॐ पर्वत और आदि कैलाश को विश्व मानचित्र पर अलग पहचान दिलायी, जो आज पर्यटन में रिकॉर्ड तोड़ रहा है।
जिलाधिकारी, पौड़ी गढ़वाल (24-25)- गांव गांव पैदल चलकर रात्रि चौपालें आयोजित की।
उत्तराखंड सिविल एविएशन विभाग में अतिरिक्त सचिव/निदेशक- उत्तराखंड के लगभग हर क्षेत्र को हेली और विमान सेवा के कनेक्ट कर दिया है, उसके साथ ही हेलिकॉप्टर हादसों को पूर्ण रूप से रोकने में सफलता मिली।
सरकार का रणनीतिक फैसला
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने देहरादून की कमान एक ऐसे अनुभवी, सक्रिय और परिणामदायी अधिकारी को सौंपकर स्पष्ट संकेत दिया है कि अब राजधानी में लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा।
जनता की उम्मीदें और प्रतिक्रिया, युवाओं के बीच काफी सक्रिय
स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर डॉ. आशीष चौहान की नियुक्ति का व्यापक स्वागत हो रहा है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, > “पहाड़ी जिलों में उनका काम देखा है। वे जनता के द्वार जाते हैं, न कि सिर्फ जनता दरबार लगाते हैं। देहरादून में भी अगर वही जुनून दिखा तो शहर की तस्वीर बदल जाएगी। उनके फील्ड में रहकर कार्य करने से युवा, मातृ शक्ति और बुजुर्ग सभी उनके कार्य शैली के कायल हैं।
”डॉ. आशीष चौहान को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई। उम्मीद है कि उनकी सक्रिय, पारदर्शी और फील्ड-आधारित कार्यशैली देहरादून को बेहतर प्रशासन, तेज विकास और जन-सुलभ सुविधाओं का आदर्श जिला बनाएगी, और कई तरह की चुनौतियों से जूझ रहे देहरादून जिले को स्थायित्व मिल जाएगा।”

