पौड़ी गढ़वाल/देहरादून, 8 जून 2026: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार भू-कानून (Bhoo Kanoon) के उल्लंघन करने वाले बाहरी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है। हाल ही में धुमाकोट तहसील (पौड़ी गढ़वाल) के ग्राम ल्वींठा मल्ला में एक बाहरी व्यक्ति द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक भूमि खरीदने के मामले में 27.5 नाली भूमि को राज्य सरकार में निहित कर लिया गया और राजस्व विभाग ने उस पर कब्जा प्राप्त कर लिया।उपजिलाधिकारी धुमाकोट ने बताया कि जांच, राजस्व अभिलेखों की परीक्षा और जिलाधिकारी न्यायालय की सुनवाई के बाद यह कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी तहसीलों में भू-कानून से संबंधित मामलों की नियमित समीक्षा हो रही है और शर्तों के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उत्तराखंड भू-कानून (Bhoo Kanoon) के मुख्य नियम (2025 संशोधन):-
कृषि/बागानी भूमि पर प्रतिबंध: बाहरी (नॉन-रेजिडेंट) व्यक्ति 11 जिलों (हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर को छोड़कर) में कृषि या बागानी भूमि नहीं खरीद सकते। इन जिलों में केवल स्थानीय निवासी ही ऐसी भूमि खरीद सकते हैं।
– आवासीय भूमि की सीमा: बाहरी व्यक्ति एक परिवार के लिए केवल 250 वर्ग मीटर (लगभग 2700 वर्ग फुट या 1.25 नाली) आवासीय भूमि ही खरीद सकते हैं। यह एक बार की खरीदारी है; एक से अधिक खरीद या संयुक्त खरीद पर रोक।
– अफिडेविट और ऑनलाइन प्रक्रिया: खरीदारी के लिए अनिवार्य रूप से अफिडेविट देना होता है कि परिवार ने पहले 250 वर्ग मीटर से अधिक नहीं खरीदा। सभी लेन-देन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से निगरानी में होते हैं।
– उद्देश्य के अनुसार उपयोग: भूमि उसी प्रयोजन (जैसे आवास) के लिए उपयोग करनी होगी, जिसके लिए खरीदी गई। उल्लंघन पर जब्ती।
चेतावनी- बाहरी व्यक्तियों के लिए: उत्तराखंड सरकार स्पष्ट संदेश दे रही है — भू-कानून का उल्लंघन महंगा पड़ सकता है।
अवैध खरीदारी, नाम बदलकर या कंपनियों के जरिए लेन-देन, या भूमि को बिना अनुमति बदलकर उपयोग करने पर भूमि जब्त हो सकती है, जुर्माना लग सकता है और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। पर्यटक स्थलों या पहाड़ी क्षेत्रों में होटल/रिसॉर्ट बनाने के नाम पर भी सख्त जांच होती है।
अन्य ऐसे मामले और सरकारी कार्रवाई:- नैनीताल: 2024-25 में 64 से अधिक अवैध भूमि खरीद के मामले सामने आए। रामनगर, भीमताल, मुक्तेश्वर जैसे क्षेत्रों में नोटिस जारी किए गए।
अल्मोड़ा: बॉलीवुड अभिनेता मनोज बाजपेयी के नाम पर लगभग 15 नाली भूमि की जांच हुई (योग केंद्र बनाने के नाम पर, लेकिन उपयोग नहीं हुआ)।
– अन्य: ऊधम सिंह नगर/नैनीताल में 200 हेक्टेयर से अधिक अवैध खरीद की रिपोर्ट्स। सैकड़ों एकड़ सरकारी/अवैध कब्जे वाली भूमि रिकवर की गई।
CM धामी के अभियान के तहत सैकड़ों अवैध संरचनाएं हटाई गईं।सरकार का अभियान जारी है और सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिथिलता न बरती जाए।
शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया:1. स्थानीय राजस्व अधिकारी: तहसीलदार/उपजिलाधिकारी या जिलाधिकारी कार्यालय में लिखित शिकायत दें। राजस्व अभिलेख (खतौनी, खतौनी आदि) संलग्न करें।
2. ऑनलाइन पोर्टल: उत्तराखंड राजस्व विभाग या भू-सम्पत्ति पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करें।
3. जांच: शिकायत पर जांच होती है, सुनवाई के बाद आदेश पारित किया जाता है।
4. अन्य: यदि जरूरी हो तो पुलिस में FIR या उच्चाधिकारियों (कलेक्टर/मुख्यमंत्री कार्यालय हेल्पलाइन) से संपर्क करें।
**शिकायत प्रक्रिया में महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर (उत्तराखंड भू-कानून उल्लंघन के लिए):*
1. **मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (सबसे प्रभावी और अनुशंसित)**- **टोल-फ्री नंबर**: **1905** (24×7 उपलब्ध, हिंदी/गढ़वाली/कुमाऊंनी में सपोर्ट)- **ऑनलाइन पोर्टल**: [cmhelpline.uk.gov.in](https://cmhelpline.uk.gov.in/) – OTP से लॉगिन करें → शिकायत दर्ज करें → स्टेटस ट्रैक करें।- **ऐप**: UK CM Helpline 1905 (Google Play / Apple Store से डाउनलोड करें)।
यह भू-कानून, अवैध भूमि खरीद, राजस्व विभाग संबंधी शिकायतों के लिए प्राथमिक माध्यम है। शिकायत दर्ज होने पर जिलाधिकारी/तहसील स्तर पर जांच होती है।
2. राजस्व विभाग संपर्क (Board of Revenue / Revenue Ministry)**- **Secretary Revenue**: 0135-2650190 (Ext. 4524), 0135-2712015-
**Chairman, Board of Revenue**: 01335-2669203
3. अन्य उपयोगी हेल्पलाइन- **पुलिस कंट्रोल रूम / आपातकाल**: **100** या **112** (अवैध कब्जा/धोखाधड़ी के मामले में FIR के लिए)- **महिला हेल्पलाइन**: 1090 (यदि संबंधित हो)- **जिला स्तर**: संबंधित जिले के DM/SDM/तहसीलदार कार्यालय में फोन करें (जैसे पौड़ी, नैनीताल आदि में स्थानीय नंबर उपलब्ध)।### शिकायत दर्ज करने के टिप्स:- **लिखित/ऑनलाइन** दें — भूमि विवरण (खाता-खतौनी, गांव, तहसील), सबूत (दस्तावेज, फोटो) संलग्न करें।-
CM Helpline पर दर्ज करने के बाद ट्रैकिंग नंबर मिलेगा।
– गंभीर मामलों में स्थानीय पुलिस स्टेशन में FIR भी दर्ज कराएं।
**सलाह**: सबसे पहले **1905** पर कॉल करें या पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें — यह सीधे उच्च स्तर तक पहुंचती है।

