चंपावत/लोहाघाट। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के सक्रिय नेता और चंपावत जिले में जनता के हर छोटे-बड़े मुद्दे को सड़क से लेकर मंच तक उठाने वाले दरबान सिंह रजवार ने एक बार फिर बेरोजगारों और किसानों के पक्ष में बड़ी हुंकार भरी है। वर्ष 2013 और 2014 में प्रशिक्षित 415 मालियों के पदों को आज तक न भरे जाने पर उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लिया है।
जमीनी संघर्ष और क्षेत्र में बढ़ती सक्रियता
दरबान सिंह रजवार चंपावत जिले के अंतर्गत लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र और आसपास के इलाकों में अपनी मुखर और जनता के प्रति समर्पित छवि के लिए जाने जाते हैं।
- जनता के मुद्दों पर पैठ: वे लगातार शिक्षा, स्वास्थ्य, बदहाल सरकारी व्यवस्थाओं, पेयजल और स्थानीय विकास से जुड़े मामलों को लेकर मुखर रहे हैं।
- संभावित मजबूत दावेदार: क्षेत्र में उनकी सक्रियता और जनहित के कार्यों को देखते हुए उन्हें लोहाघाट विधानसभा सीट से यूकेडी के एक अत्यंत मजबूत और संभावित प्रत्याशी के रूप में देखा जा रहा है, जिसे लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं में भी भारी उत्साह है।
415 मालियों के पदों पर संकट और रोजगार की अनदेखी
यूकेडी नेता दरबान सिंह रजवार ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि:- प्रशिक्षित युवाओं की उपेक्षा: वर्ष 2013 और 2014 में जिन 415 युवाओं को मालियों के रूप में बाकायदा प्रशिक्षण दिया गया था और भर्तियां निकाली गई थीं, वे आज भी बेरोजगारी झेलने को मजबूर हैं।
- चौपट हो रही बागवानी: पदों के खाली रहने के कारण किसानों को प्रशिक्षित मालियों का सहयोग नहीं मिल पा रहा है, जिससे क्षेत्र की बागवानी व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
- रोज़ी-रोटी की मार: प्रशिक्षित युवा अपनी आजीविका के लिए इधर-उधर धक्के खाने को विवश हैं, लेकिन सरकार इनकी सुध नहीं ले रही है।
यूकेडी सरकार बनने पर तुरंत भरे जाएंगे पद: रजवार
रजवार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि भविष्य में उत्तराखंड में यूकेडी की सरकार सत्ता में आती है, तो इन सभी रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल भरा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसानों और बेरोजगार युवाओं के हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

