
देहरादून, 24 मार्च 2026 – बी पी सिंह- अगर कोई पूछे कि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पिछले डेढ़ साल में सबसे बड़ा बदलाव क्या आया है, तो जवाब एक ही होगा – जिलाधिकारी सविन बंसल। सितंबर 2024 में पद संभालते ही इस 2009 बैच के IAS अधिकारी ने न सिर्फ प्रशासन की रफ्तार बदल दी, बल्कि आम जनता से सीधा जुड़ाव कायम कर दिया। सरप्राइज इंस्पेक्शन, रात-दिन की मेहनत, भ्रष्टाचार पर सख्ती, महिलाओं-बच्चों-किसानों हर वर्ग के लिए काम और सबसे ऊपर – जनता की शिकायतों का तुरंत समाधान। आज देहरादून के लोग कहते हैं, “DM साहब दफ्तर में नहीं, सड़कों पर, गांवों में, अस्पतालों में घूमते हैं। लगता है सरकार अब सच में हमारे साथ है।”
2009 बैच के उत्तराखंड कैडर के इस अफसर ने पहले नैनीताल में DM रह चुके हैं, लेकिन देहरादून में उन्होंने जो जादू किया, वो पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। 2000 से ज्यादा शब्दों में उनकी उपलब्धियों का विस्तार से जिक्र करें तो भी कम पड़ जाएगा। आइए, इस विस्तृत रिपोर्ट में देखें कि कैसे एक युवा IAS ने देहरादून को नई दिशा दी।
पद संभालते ही विजन साफ: पार्किंग, शिकायत निपटान और जन-सुनवाई पर फोकस
सितंबर 2024 में जब सविन बंसल ने देहरादून का डीएम चार्ज संभाला, तो उन्होंने पहला बयान दिया – “पार्किंग की समस्या और जन शिकायतों का तुरंत निपटान हमारी प्राथमिकता है।” आज वो वादा हकीकत बन चुका है। स्मार्ट सिटी लिमिटेड के CEO के रूप में उन्होंने ऑटोमेटेड मैकेनिकल पार्किंग सिस्टम शुरू किया। EV चार्जिंग स्टेशन हर जगह लगाए जा रहे हैं। शहर के ट्रैफिक जाम अब कम हो रहे हैं। लेकिन ये सिर्फ शुरुआत थी।
आपदा में फील्ड का सिपाही: 12 किलोमीटर पैदल ट्रेक, हेलीकॉप्टर से फूड एयरड्रॉप
सितंबर 2025 की बात है। उत्तरकाशी के आपदा प्रभावित गांव फुलेट और चमरौली में भारी बारिश से तबाही मची थी। रास्ते बंद, लोग भूखे। आम अफसर रिपोर्ट मांगते, लेकिन DM सविन बंसल ने 12 किलोमीटर का कठिन ट्रेक किया। जंगलों, नदियों और खड़ी चढ़ाई पार करते हुए पहुंचे। वहां ग्रामीणों की बात सुनी और उसी वक्त हेलीकॉप्टर से खाने-पीने का सामान एयरड्रॉप करवाया।
एक स्थानीय बुजुर्ग ने बाद में बताया, “DM साहब खुद पैदल आए, हमारी पीड़ा समझी। पहली बार लगा कि अधिकारी हमारा दर्द महसूस करते हैं।” यह घटना वायरल हो गई और पूरे देश में DM बंसल की तारीफ हुई। यही उनका स्टाइल है – 24×7 एक्टिव, फील्ड पर हमेशा मौजूद।
महिलाओं की सुरक्षा: पिंक पुलिस बूथ का क्रांतिकारी कदम
नवरात्रि 2025 के पहले दिन पलटन बाजार में पहला पिंक पुलिस बूथ शुरू हुआ। DM बंसल ने खुद उद्घाटन किया। ये कोई साधारण बूथ नहीं – महिलाओं की हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई। अब दूसरे इलाकों में भी ये बूथ खुल रहे हैं। महिलाएं अब अकेली घूमने से डरती नहीं। एक महिला व्यापारी ने कहा, “पहले छेड़छाड़ की शिकायत पर घंटों चक्कर काटते थे, अब बूथ पर जाकर 10 मिनट में FIR दर्ज। DM सर ने हमारी सुरक्षा को प्राथमिकता दी।”
नंदा-सुनंदा प्रोजेक्ट: अनाथ और गरीब लड़कियों का भविष्य संवारने वाला सपना
DM बंसल की सबसे भावुक और दूरदर्शी पहल है प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा। फरवरी 2025 में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट अनाथ, गरीब और असहाय लड़कियों को 12वीं के बाद ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन और स्किल कोर्स फ्री करवाता है। CSR फंड से मदद। अब तक 30 से ज्यादा लड़कियों को लाभ मिल चुका है।
जनवरी 2026 में दो लड़कियों – जीविका अंथवाल (बीकॉम द्वितीय वर्ष) और नंदिनी राजपूत (कक्षा 11) – को 1 लाख रुपये प्रत्येक दिए गए। एक और कार्यक्रम में 6 लड़कियों को 3 लाख से ज्यादा के चेक सौंपे गए। रोशनी नाम की एक अनाथ लड़की ने कहा, “DM सर ने मुझे योगा साइंस में बीएससी करने का सपना दिया। पहले लगता था पढ़ाई छोड़नी पड़ेगी, अब भविष्य संवर गया।”
यह प्रोजेक्ट नैनीताल में भी चलाया गया था, जहां 60 लड़कियों को जोड़ा। देहरादून में 32 लड़कियों की शिक्षा बहाल हो चुकी है। CM पुष्कर सिंह धामी की ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ से जुड़कर यह प्रोजेक्ट मिसाल बन गया।
लैंड माफिया पर सख्ती: 174 शिकायतें एक दिन में निपटाईं, 47 हेक्टेयर जमीन वापस
भ्रष्टाचार और लैंड माफिया DM बंसल का सबसे बड़ा टारगेट रहा। अप्रैल 2025 में जनता दर्शन में 174 शिकायतें आईं। ज्यादातर अतिक्रमण और लैंड डिस्प्यूट। DM ने उसी वक्त लैंड माफिया पर सख्ती के आदेश दिए। 57 हेक्टेयर अतिक्रमित जमीन में से 47 हेक्टेयर क्लियर कर दिया।
एक पटवारी को अवैध वसूली के आरोप में सस्पेंड किया। ऑडियो एविडेंस पर कार्रवाई। रेवेन्यू रिकवरी में SDM और तहसीलदारों को टारगेट दिए। एक गरीब मां ने अपनी बेटी के MCA कोर्स के लिए मदद मांगी – DM ने नंदा-सुनंदा के तहत एडमिशन और फंड का इंतजाम कर दिया। लोग कहते हैं, “DM सर ने दिखा दिया कि अफसर चाहे तो माफिया भी नहीं टिक सकता।”
स्कूलों में क्रांति: 104 unsafe भवन, 79 को डेमोलिश, डिजिटल अपग्रेड
जनवरी 2026 में DM बंसल ने शिक्षा विभाग से रिपोर्ट मांगी। 104 सरकारी स्कूल भवन unsafe पाए गए। 79 (13 हाई स्कूल, 66 प्राइमरी) को पूरी तरह गिराने का फैसला। 1 करोड़ रुपये सैंक्शन। बच्चों को वैकल्पिक क्लासरूम में शिफ्ट किया।
स्मार्ट स्कूल प्रोजेक्ट के तहत नई फर्नीचर, डिजिटल व्हाइटबोर्ड, डिजिटल स्क्रीन और अनिवार्य खेल गतिविधियां शुरू। “हम स्कूलों को सिर्फ पढ़ाई का नहीं, जीवन का केंद्र बनाना चाहते हैं,” DM ने कहा।
स्वास्थ्य और इंफ्रा में सुधार
बड़े अस्पतालों में लैब, ब्लड बैंक और चाइल्ड केयर यूनिट अनिवार्य कर दीं। जहां कमी थी, वहां तुरंत सुधार। स्मार्ट सिटी के तहत ग्रीन बिल्डिंग जून 2026 तक पूरा। स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को स्मार्ट सिटी बसों में फ्री यात्रा। मुस्सूरी में विंटर ट्रैवल सिस्टम लागू – ट्रैफिक और लॉ एंड ऑर्डर कंट्रोल।
जल संरक्षण अभियान: राजपुर बावड़ी से शुरू, नदियों-झरनों पर कोई सिविल निर्माण नहीं
एक रविवार को राजपुर बावड़ी से जल संरक्षण और समृद्धि अभियान शुरू किया। नदियों, झरनों, झीलों के आसपास कोई सिविल निर्माण नहीं। पारंपरिक मिट्टी-पत्थर से संरक्षण। “इतिहास और पर्यावरण दोनों बचाना है,” DM ने घोषणा की।
जनता दर्शन और CM हेल्पलाइन: 7662 में से 6480 शिकायतें निपटाईं
हर हफ्ते जनता दर्शन। UCC में 61,000 रजिस्ट्रेशन। राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड वेरिफिकेशन में 5,590 राशन और 9,428 आयुष्मान कार्ड रद्द। साइबर क्राइम पर सख्ती। मॉक ड्रिल में पूरी तैयारी।
DM बंसल क्यों भारत के सबसे बेहतरीन IAS?
2009 बैच, NIT कुरुक्षेत्र से B.Tech, UCL लंदन से मास्टर्स। लेकिन डिग्री नहीं, दिल और मेहनत ने उन्हें अलग बनाया। पहले नैनीताल में ADB प्रोजेक्ट पर बैन लगाया था। अब देहरादून में हर काम पारदर्शी, समयबद्ध और जन-केंद्रित।
लोगों का कहना है – “DM साहब 24×7 एक्टिव, फोन उठाते हैं, खुद विजिट करते हैं। पहले शिकायतें दब जाती थीं, अब एक कॉल पर काम शुरू।” एक लाभार्थी ने कहा, “ये अफसर नहीं, जनता का साथी हैं।”
प्रशासन ट्रैक पर: बदलाव हर मोहल्ले में दिख रहा
पहले जहां अफसर दफ्तर में बंद रहते थे, आज सरप्राइज विजिट, रात का छापा, तुरंत फैसले। भ्रष्टाचार कम, जवाबदेही बढ़ी। पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रा – हर क्षेत्र में प्रगति। CM धामी की घोषणाओं की समीक्षा में 61,000 UCC रजिस्ट्रेशन जैसी उपलब्धियां।
जनता की राय: “DM बंसल ने देहरादून को नई पहचान दी”
एक स्थानीय व्यापारी बोले, “ट्रैफिक, पार्किंग, सफाई सब सुधर रहा है।” एक स्कूली बच्चे की मां ने कहा, “अब स्कूल सुरक्षित लगते हैं।” महिलाएं कहती हैं, “पिंक बूथ ने डर कम किया।” अनाथ लड़कियां सपने देख रही हैं।
विश्लेषक कहते हैं – “सविन बंसल ने साबित कर दिया कि IAS अफसर अगर चाहे तो पूरा जिला बदल सकता है। पारदर्शिता, संवेदनशीलता और समर्पण की मिसाल। भारत के सबसे बेहतरीन DM और IAS कहना गलत नहीं होगा।”
भविष्य की दिशा: आत्मनिर्भर देहरादून
DM बंसल का विजन साफ – स्मार्ट, ग्रीन, सुरक्षित और समावेशी देहरादून। EV, स्मार्ट स्कूल, जल संरक्षण, महिलाओं की सुरक्षा – सब एक साथ। अगर ये रफ्तार जारी रही तो 2027 कुंभ से पहले शहर नई ऊंचाई छू लेगा।
निष्कर्ष: एक अफसर जो जनता के लिए जीता है
सविन बंसल सिर्फ DM नहीं, देहरादून के बदलाव के आर्किटेक्ट हैं। उनकी मेहनत, पहुंच और ईमानदारी ने साबित कर दिया कि सच्चा प्रशासन वही है जो जनता के बीच जीता हो। उत्तराखंड सरकार के लिए गर्व की बात, पूरे देश के लिए प्रेरणा।
जनता की उम्मीदें बढ़ गई हैं। क्योंकि अब लगता है – “अधिकारी हमारे लिए, हमारे साथ।” DM सविन बंसल की यह यात्रा जारी रहेगी और देहरादून निश्चित रूप से भारत का एक मॉडल जिला बनेगा।
