*देहरादून:** उत्तराखंड सचिवालय संघ के चुनाव में दीपक जोशी ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। 15 मई 2026 को संपन्न हुए अत्यंत प्रतिस्पर्धी चुनाव में दीपक जोशी **चौथी बार** अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए। उनकी शानदार जीत ने सचिवालय कर्मचारियों में उनके प्रति अटूट विश्वास और लोकप्रियता को एक बार फिर साबित कर दिया है।चुनाव में कुल 1150 मतदाताओं में से **1084** कर्मचारियों ने मतदान किया, जो लगभग **94%** की अभूतपूर्व भागीदारी दर्शाता है।
मतगणना में दीपक जोशी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 109 वोट अधिक मिले । जोशी को **594 वोट** मिले, जबकि प्रतिद्वंद्वी को **485 वोट** प्राप्त हुए।
नई कार्यकारिणी
**अध्यक्ष**: दीपक जोशी (594 वोट)
**महासचिव**: राजेंद्र रतूड़ी (577 वोट)
**वरिष्ठ उपाध्यक्ष**: राकेश चंद्र जोशी (579 वोट)-
**उपाध्यक्ष**: संजय कुमार शर्मा
**महिला उपाध्यक्ष**: प्रमिला टम्टा (630 वोट) — पहली बार अलग चुनाव से भरा गया पद
**सचिव**: अतुल कुमार सिंह
**संयुक्त सचिव**: दिव्यांशु डोभाल
**सम्प्रेक्षक**: रीना मखन्वाल
दीपक जोशी: समर्पण, संघर्ष और कर्मचारी हित का प्रतीक
दीपक जोशी उत्तराखंड सचिवालय संघ के एक अनुभवी, ईमानदार, मेहनती और कर्मचारी-हितैषी नेता के रूप में जाने जाते हैं। उनकी **चौथी बार** अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने की उपलब्धि उनके निरंतर संघर्ष, अथक मेहनत और कर्मचारियों के प्रति अटूट समर्पण का जीवंत प्रमाण है।
उनके पूर्व के प्रमुख कार्य एवं उपलब्धियां
– भर्ती रोस्टर पर लंबा संघर्ष, जिससे हजारों कर्मचारियों के अधिकार सुरक्षित हुए।
– महंगाई भत्ता (DA), सेवा शर्तों और स्थानांतरण नीति में सुधार के लिए बार-बार सरकार से प्रभावी पैरवी।
– कोविड काल में कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर मजबूत आवाज उठाई।
– पेंशनरों के हितों, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य कल्याणकारी योजनाओं पर निरंतर काम।
– सचिवालय संघ को एक मजबूत, सक्रिय और विश्वसनीय संगठन बनाने में अग्रणी भूमिका।
दीपक जोशी की कार्यशैली बेहद सराहनीय रही है। वे रात-दिन कर्मचारियों से जुड़े रहते हैं, उनकी छोटी-बड़ी समस्याओं को सुनते हैं और उन्हें शासन तक पहुंचाते हैं और जरूरत पड़ने पर अपनी परवाह किए बिना ही अंतिम व्यक्ति को भी न्याय दिलाने तक संघर्षरत रहते हैं, यही छवि उनकी बार बार अध्यक्ष के पद पर आगे बढ़ाती है। उनका यह अथक समर्पण और कड़ी मेहनत ही उन्हें सचिवालय परिवार में गहरा सम्मान दिलाती है।
कर्मचारियों की उम्मीदें
समीक्षा अधिकारी यशवंत सिंह सौन, ऋतुंजय चैसर, विजय पाटनी, अंकुश ममगाईं, रितेश कुमार, अवधेश कुमार सहित कई वरिष्ठ कर्मचारियों ने नई कार्यकारिणी से बड़ी आशा जताई है। उन्होंने कहा कि नई टीम राज्य और कर्मचारी हित में और बेहतर कार्य करेगी। विशेष रूप से **आवास**, **पेंशन**, *विभाग आवंटन*, **समयबद्ध प्रमोशन** जैसे लंबित मुद्दों पर सभी की नजर है।
चुनाव का माहौल
चुनाव से पहले सचिवालय परिसर में जोरदार प्रचार-प्रसार चला। मतदान सुबह 10 बजे शुरू हुआ और शाम तक उच्च मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया। मतगणना दोपहर बाद शुरू हुई और देर शाम परिणाम घोषित किए गए। जीत के बाद दीपक जोशी और उनके समर्थकों ने जश्न मनाया।यह चुनाव सचिवालय कर्मचारियों की एकजुटता और लोकतांत्रिक मूल्यों का सुंदर उदाहरण रहा। पहली बार महिला उपाध्यक्ष पद पर अलग चुनाव कराया जाना भी उल्लेखनीय कदम है।
आगे की राह
नई कार्यकारिणी अब कर्मचारियों के लंबित मुद्दों — पदोन्नति में तेजी, स्थानांतरण नीति में सुधार, सेवा शर्तों में बेहतरी, आवास, पेंशन और समयबद्ध प्रमोशन — पर फोकस करेगी। दीपक जोशी ने विजयी होने के बाद कहा कि नई टीम पूरे समर्पण के साथ कर्मचारियों की सेवा करेगी और उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी। दीपक जोशी की लगातार चौथी जीत साबित करती है कि सच्चा नेतृत्व समर्पण, मेहनत और कर्मचारी हित की भावना से बनता है।

