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अधिवक्ता की हत्या के बाद जंगल में छिपा बैठा था हत्यारोपी

अधिवक्ता उमेश नैनवाल की गोली मारकर हत्या करने वाला उनके तहेरे भाई दिनेश नैनवाल को पुलिस ने मंगलवार रात लामाचौड़ के पास स्थित जंगल से गिरफ्तार कर लिया।अधिवक्ता उमेश नैनवाल की गोली मारकर हत्या करने वाला उनके तहेरे भाई दिनेश नैनवाल को पुलिस ने मंगलवार रात लामाचौड़ के पास स्थित जंगल से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पुलिस को 315 बोर का तमंचा और कारतूस भी बरामद किया है। हत्या के बाद आरोपी ऊधमसिंह नगर जिले में भाग गया था। मंगलवार रात को वह हल्द्वानी आया। पुलिस से बचने के लिए जंगल में छिप गया। मोबाइल लोकेशन की मदद से पुलिस ने लामाचौड़ के जंगल में कांबिंग कर पकड़ा।

बुधवार को बहुउद्देशीय भवन सभागार में एसएसपी पीएन मीणा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि कमलुवागांजा मुखानी की रामलीला में सोमवार रात अधिवक्ता उमेश नैनवाल की तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारोपी उमेश का तहेरा भाई दिनेश नैनवाल था। वारदात के बाद से वह फरार था। मंगलवार देर रात मुखानी पुलिस की टीम ने लामाचौड़ के चार धाम मंदिर से थोड़ी ही दूर पर स्थित जंगल से करीब एक-डेढ़ घंटे की तलाश के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से 315 बोर का तमंचा और एक कारतूस बरामद किया है। कुछ नगदी भी मिली है। आरोपी को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। वहीं एसएसपी ने मामले में जुटी टीमों को 2500 रुपये नगद इनाम की घोषणा की है।

उमेश बार-बार जमीन पर कर रहा था विवाद, इसलिए की हत्या
पुलिस की पूछताछ में आरोपी दिनेश नैनवाल ने बताया कि पूरनपुर नैनवाल में चाचा हेमचंद्र नैनवाल की करीब 18 बीघा जमीन है। इसका कोई वारिस नहीं है। सभी नैनवाल रिश्तेदारों ने विवादित जमीन को स्कूल, पार्क या किसी सामाजिक संस्था को दान करने पर सहमति जताई थी, लेकिन अधिवक्ता उमेश नैनवाल इस पर राजी नहीं था। वह बार-बार इस जमीन पर विवाद कर रहा था। इसी विवाद के चलते उसने भाई की हत्या कर दी थी।

टीम में यह रहे शामिल
एसओ मुखानी विजय मेहता, एसओ वनभूलपुरा नीरज भाकुनी, एसओ कालाढूंगी पंकज जोशी, एसओजी प्रभारी संजीत राठौड़, एसआई बलवंत कम्बोज, हेड कांस्टेबल ललित श्रीवास्तव, सिपाही चंदन नेगी, धीरज सूगड़ा, गणेश गिरी, सुरेश देवड़ी, अनूप तिवारी, प्रवीण सिंह, जीवन कुमार, अरविंद बिष्ट और राजेश बिष्ट।

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